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Kullu News: साफ्टवेयर ने छुड़ाए पसीने, थक कर लाइनों में ही बैठ गए मरीज
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कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में एचएमआईएस सॉफ्टवेयर सिस्टम से मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। यह व्यवस्था मरीजों के मर्ज को कम करने के बजाए और बढ़ा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल में सोमवार को उपचार करवाने आए मरीजों को डेढ़ से दो घंटे तक पंजीकरण काउंटर पर अपनी बारी का इंजतार करना पड़ा।
कुछ मरीज और तीमारदार तो लाइन में ही बैठ गए। अस्पताल के नए भवन में पुरुष और महिला शिशु खंड भवन में महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण किया जाता है। अस्पताल में नए सॉफ्टवेयर से मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। इसके लिए हाईटेक उपकरणों की आवश्यकता है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन उपकरण न मिलने के कारण पुरानोंं से ही काम चला रहा है। ऐसे में पंजीकरण पर्ची के प्रिंट को समय लग रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एचएमआईएस सॉफ्टवेयर सिस्टम के लिए हाईटेक प्रिंटरों की आवश्यकता है। उससे ही पंजीकरण पर्ची का प्रिंट जल्द आएगा, लेकिन पुराने प्रिंटर समय ले रहे हैं। ऐसे में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
अस्पताल में सोमवार को करीब 950 से अधिक मरीजों का पंजीकरण किया गया। दोपहर 12:30 बजे तक अस्पताल परिसर में मरीजों की लाइनें पंजीकरण करवाने के लिए ही लगी रहीं। पंजीकरण करवाने के बाद मरीजों को दोबारा ओपीडी के बाहर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। मरीजों के तीमारदार तुले राम, रीना, कविता, खुशी, आत्मा राम, अशोक, मोहित ने कहा कि पंजीकरण के लिए ही डेढ़ से दो घंटे का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए इतना इंतजार मरीजों को परेशानी में डाल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
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अस्पताल में सरकार के निर्देश पर एचएमआईएस सॉफ्टवेयर शुरू किया है। इसमें पंजीकरण करने में कुछ समय लग रहा है। व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. नरेश चंद, चिकित्सा अधीक्षक
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कुछ मरीज और तीमारदार तो लाइन में ही बैठ गए। अस्पताल के नए भवन में पुरुष और महिला शिशु खंड भवन में महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण किया जाता है। अस्पताल में नए सॉफ्टवेयर से मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। इसके लिए हाईटेक उपकरणों की आवश्यकता है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन उपकरण न मिलने के कारण पुरानोंं से ही काम चला रहा है। ऐसे में पंजीकरण पर्ची के प्रिंट को समय लग रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एचएमआईएस सॉफ्टवेयर सिस्टम के लिए हाईटेक प्रिंटरों की आवश्यकता है। उससे ही पंजीकरण पर्ची का प्रिंट जल्द आएगा, लेकिन पुराने प्रिंटर समय ले रहे हैं। ऐसे में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
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अस्पताल में सोमवार को करीब 950 से अधिक मरीजों का पंजीकरण किया गया। दोपहर 12:30 बजे तक अस्पताल परिसर में मरीजों की लाइनें पंजीकरण करवाने के लिए ही लगी रहीं। पंजीकरण करवाने के बाद मरीजों को दोबारा ओपीडी के बाहर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। मरीजों के तीमारदार तुले राम, रीना, कविता, खुशी, आत्मा राम, अशोक, मोहित ने कहा कि पंजीकरण के लिए ही डेढ़ से दो घंटे का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए इतना इंतजार मरीजों को परेशानी में डाल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
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अस्पताल में सरकार के निर्देश पर एचएमआईएस सॉफ्टवेयर शुरू किया है। इसमें पंजीकरण करने में कुछ समय लग रहा है। व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. नरेश चंद, चिकित्सा अधीक्षक