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माइनस तापमान में कुंजम दर्रा का सफर जोखिम भरा

Tue, 06 Dec 2016 10:03 PM IST
कुल्लू/ मनाली
कुल्लू/ मनाली Updated Tue, 06 Dec 2016 10:03 PM IST
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snow fall
रोहतांग - फोटो : अमर उजाला

कुंजम दर्रा के रास्ते पर अब काजा-मनाली-कुल्लू के बीच आवाजाही करना जोखिम भरा हो गया है। माइनस तापमान के बीच कुंजम दर्रा से छह किलोमीटर स्पीति छोर से 12वीं कैंची और बातल-ग्रांफू के बीच सड़क पर पानी जम गया है ऐसे में टैक्सी चालक लोगों को कुंजम के रास्ते रोहतांग होकर कुल्लू-मनाली-काजा के बीच वाहनों सुविधा दे रहे हैं। वे कुंजम और इसके आसपास जमी सड़क पर मिट्टी फेंक कर पार कर रहे हैं। ऐसे में उपरोक्त जगहों पर सवारियों की जान के लिए जोखिम भरा हो गया है, लेकिन स्पीति घाटी के लोगों के अनुसार इस रूट से यात्री कम समय में काजा-मनाली-कुल्लू के बीच आवाजाही कर सकते हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह मार्ग 15 अक्तूबर से बंद है और इस मार्ग पर एचआरटीसी की बसों की आवाजाही को बंद कर दिया है। मौसम अनुकूल रहने से स्पीति के लोगों ने कुंजम के रास्ते छोटे वाहनों से आवाजाही जारी रखी है।

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विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जीवन निर्वहन करने वाले जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के लोगों का जीवन राम भरोसे ही है। ऐसा ही इन दिनों कुंजम के रास्ते आवाजाही करने वाले स्पीति के लोगों में देखा जा रहा है। मजबूरन यह लोग इस रूट से कई हिस्सों में जमी सड़कों से होकर मिट्टी डालकर आवाजाही कर रहे हैं।  इस संबंध में लोसर के वीर सिंह, हंसा के नमज्ञाल, छेरिंग और पद्मा ने बीआरओ और जिला प्रशासन से मांग की है कि लोसर से करीब 16 किमी दूर 12वीं कैंची के पास जमी सड़क को मजदूरों की मदद से भी सुधारा जा सकता है। वाहन चालकों को दो घंटे तक जमी सड़कों पर मिट्टी डालकर वाहन को पार करवाने पड़ रहे हैं।
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पद्मा और दोरजे ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग तो है, लेकिन वहां से निकलने में स्पीति के बाशिंदों को काजा-किन्नौर होकर जलोड़ी दर्रा के रास्ते कुल्लू-मनाली पहुंचने में दो दिन का समय लग जाता है। उधर, उपायुक्त लाहौल-स्पीति विवेक भाटिया ने कुंजम के रास्ते आवाजाही करने वाले यात्रियों व वाहन चालकों से इस रूट पर न चलने का आह्वान किया है। उनके अनुसार दिन-प्रतिदिन घाटी के तापमान में गिरावट आने से सड़कें जम रही हैं। मौसम खराब होने पर इस मार्ग पर लोग मुसीबत में फंस सकते हैं और यहां दूर संचार की सुविधा भी न के बराबर है।

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