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सरस मेला : सेहत भी बनाएं और टिप्स भी ले जाएं
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कुल्लू। ढालपुर के रथ मैदान में सजा सरस मेला स्वास्थ्यवर्धक मोटे अनाज के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही यहां पर मोटे अनाज से बने व्यंजन भी मिल रहे हैं। कोदरे के सिड्डू और मोमो के चटकारे लोग ले रहे हैं। स्वयं सहायता समूह की ओर से लगाए गए स्टॉल में व्यंजन परोसने के अलावा लोगों को मोटे अनाज के लाभ भी बताए जा रहे हैं।
वहीं सरस मेले में देशभर के 10 राज्यों के हस्तशिल्पियों के उत्पाद भी देखने को मिल रहे हैं। यहां मोटा अनाज भी मिल रहा है। सरस मेले में लुप्त हो रहे लाल चावल 180 रुपये प्रतिकिलो मिल रहे हैं। स्थानीय राजमाह 250 प्रतिकिलो, नंगा जौ 100 रुपये प्रतिकिलो, काले माश 250 रुपये, कांगड़ा का सफेद चावल 60 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है।
स्वयं सहायता समूहों की सदस्य मक्की का आटा भी बेच रही हैं। सलियारा और कोदरा के आटे से बने उत्पाद भी रखे गए हैं। कोदरे के आटे के सिड्डू और मोमो का लोग खूब चटकारे ले रहे हैं। स्वयं सहायता समूह नारगी की महिला रमा और गीता ने कहा कि लोग मोटे अनाज की खरीदारी कर रहे हैं। कांगड़ा जिले से आए संजीव कुमार ने बताया कि मोटे अनाज में पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। सरस मेले में पहले तीन दिनों में अच्छी खरीदारी हुई है।
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वहीं सरस मेले में देशभर के 10 राज्यों के हस्तशिल्पियों के उत्पाद भी देखने को मिल रहे हैं। यहां मोटा अनाज भी मिल रहा है। सरस मेले में लुप्त हो रहे लाल चावल 180 रुपये प्रतिकिलो मिल रहे हैं। स्थानीय राजमाह 250 प्रतिकिलो, नंगा जौ 100 रुपये प्रतिकिलो, काले माश 250 रुपये, कांगड़ा का सफेद चावल 60 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है।
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स्वयं सहायता समूहों की सदस्य मक्की का आटा भी बेच रही हैं। सलियारा और कोदरा के आटे से बने उत्पाद भी रखे गए हैं। कोदरे के आटे के सिड्डू और मोमो का लोग खूब चटकारे ले रहे हैं। स्वयं सहायता समूह नारगी की महिला रमा और गीता ने कहा कि लोग मोटे अनाज की खरीदारी कर रहे हैं। कांगड़ा जिले से आए संजीव कुमार ने बताया कि मोटे अनाज में पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। सरस मेले में पहले तीन दिनों में अच्छी खरीदारी हुई है।
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