{"_id":"d78e60f30ddc43070c39638f4f94ef39","slug":"road-unconstrcution-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"नग्गर में रोड़ा समझकर तोड़ डाला शिवलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नग्गर में रोड़ा समझकर तोड़ डाला शिवलिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Wed, 24 Feb 2016 09:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवभूमि कुल्लू के धरोहर गांव नग्गर में देव आस्था पर गहरी ठेस
विज्ञापन
पहुंची है। लोक निर्माण विभाग पर आरोप है कि उसने प्राचीन शिवलिंग को रोड़ा
समझकर तोड़ डाला है। नग्गर से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुड़दौड़
में गांव बटाहर जाने वाले लिंक रोड पर राजकीय प्राथमिक पाठशाला के पास
1800 ईस्वी पुराने शिवलिंग को लोनिवि ने तोड़ डाला। विभाग यहां सड़क
निर्माण कर रहा है। इस शिवलिंग का स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सदियों से पूजन
किया जाता है।
वहीं यहां से होकर जगतीपट्ट के लिए देव शक्तियां अर्जित करने वाले देवी-देवता भी मिलन करते हैं। ग्रामीण जितेंद्र ठाकुर, हेमराज, किशोरी लाल, दविंद्र ठाकुर, तेज सिंह ठाकुर ने कहा कि शिवलिंग के टूट जाने से देव आस्था को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि सड़क का काम हो रहा था तो विभाग के कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी। गांव के एक बुजुर्ग ख्याली राम ठाकुर ने बताया कि शिवलिंग की पूजा की जाती थी। जब लोकनिर्माण विभाग ने इस क्षेत्र से होकर सड़क निकाली तो शिवलिंग को मिट्टी में दफन किया था।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पिंडी को साफ कर दिया था। ग्रामीणों ने हैरानी जताई है कि विभागीय कर्मियों ने पिंडी पर चूना लगाकर निशानदेही करने के बाद इसे तोड़ डाला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पर जांच करने की मांग की है। वहीं शिवलिंग वाले स्थान पर देवस्थल बनाने का आग्रह किया है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ बीएस नेगी ने बताया कि उन्हें इस शिवलिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। फिर भी इसकी गहनता से जांच की जाएगी।
वहीं यहां से होकर जगतीपट्ट के लिए देव शक्तियां अर्जित करने वाले देवी-देवता भी मिलन करते हैं। ग्रामीण जितेंद्र ठाकुर, हेमराज, किशोरी लाल, दविंद्र ठाकुर, तेज सिंह ठाकुर ने कहा कि शिवलिंग के टूट जाने से देव आस्था को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि सड़क का काम हो रहा था तो विभाग के कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी। गांव के एक बुजुर्ग ख्याली राम ठाकुर ने बताया कि शिवलिंग की पूजा की जाती थी। जब लोकनिर्माण विभाग ने इस क्षेत्र से होकर सड़क निकाली तो शिवलिंग को मिट्टी में दफन किया था।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पिंडी को साफ कर दिया था। ग्रामीणों ने हैरानी जताई है कि विभागीय कर्मियों ने पिंडी पर चूना लगाकर निशानदेही करने के बाद इसे तोड़ डाला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पर जांच करने की मांग की है। वहीं शिवलिंग वाले स्थान पर देवस्थल बनाने का आग्रह किया है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ बीएस नेगी ने बताया कि उन्हें इस शिवलिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। फिर भी इसकी गहनता से जांच की जाएगी।