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एसआईआर पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहे राहुल गांधी : गोविंद
Sat, 20 Dec 2025 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 20 Dec 2025 10:29 PM IST
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पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए एसआईआर जरूरी
ईवीएम चेक करने न तो राहुल गांधी गए और न ही कांग्रेस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि देश में लंबे समय से कांग्रेस वोट चोरी का नारा दे रही है। एसआईआर को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को बिहार चुनाव में जवाब मिल गया है।
चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संस्था है। लोकसभा में राहुल गांधी और कांग्रेस ने एसआईआर पर मनगढ़ंत आरोप लगाए। इसका जवाब गृह मंत्री अमित शाह ने दिया। कांग्रेस के पास इसका कोई जवाब नहीं था और वह सदन से बाहर चले गए।
उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में ऐसे नामों को हटाया गया है जिनका निधन हो गया है, जो स्थान छोड़ चुके हैं या जिनकी डबल एंट्री हुई है। एसआईआर का मकसद पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव करवाना है। चुनाव आयोग यह प्रक्रिया पहली बार नहीं अपना रहा है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। जब कांग्रेस सरकार रही तो चुनाव आयुक्त सीधे प्रधानमंत्री की ओर से चुने जाते थे लेकिन मोदी सरकार ने इसको बदला है। गोविंद ने कहा कि राहुल जब चुनाव हारते हैं तो चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं। कोर्ट और मीडिया पर भी सवाल उठाते हैं। जब कांग्रेस और इंडी गठबंधन चुनाव जीतती है तो नए सूट-बूट पहनकर शपथ लेते हैं। ईवीएम को राजीव गांधी लेकर आए थे और 2004 में पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल हुआ था। 2017 को चुनाव आयोग ने ईवीएम को चेक करने के लिए बोला गया लेकिन न तो राहुल गांधी आए और न ही कांग्रेस गई। इस दौरान सौरभ भारद्वाज, विनोद कायस्थ और निलेश गौतम मौजूद रहे।
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ईवीएम चेक करने न तो राहुल गांधी गए और न ही कांग्रेस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि देश में लंबे समय से कांग्रेस वोट चोरी का नारा दे रही है। एसआईआर को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को बिहार चुनाव में जवाब मिल गया है।
चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संस्था है। लोकसभा में राहुल गांधी और कांग्रेस ने एसआईआर पर मनगढ़ंत आरोप लगाए। इसका जवाब गृह मंत्री अमित शाह ने दिया। कांग्रेस के पास इसका कोई जवाब नहीं था और वह सदन से बाहर चले गए।
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उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में ऐसे नामों को हटाया गया है जिनका निधन हो गया है, जो स्थान छोड़ चुके हैं या जिनकी डबल एंट्री हुई है। एसआईआर का मकसद पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव करवाना है। चुनाव आयोग यह प्रक्रिया पहली बार नहीं अपना रहा है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। जब कांग्रेस सरकार रही तो चुनाव आयुक्त सीधे प्रधानमंत्री की ओर से चुने जाते थे लेकिन मोदी सरकार ने इसको बदला है। गोविंद ने कहा कि राहुल जब चुनाव हारते हैं तो चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं। कोर्ट और मीडिया पर भी सवाल उठाते हैं। जब कांग्रेस और इंडी गठबंधन चुनाव जीतती है तो नए सूट-बूट पहनकर शपथ लेते हैं। ईवीएम को राजीव गांधी लेकर आए थे और 2004 में पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल हुआ था। 2017 को चुनाव आयोग ने ईवीएम को चेक करने के लिए बोला गया लेकिन न तो राहुल गांधी आए और न ही कांग्रेस गई। इस दौरान सौरभ भारद्वाज, विनोद कायस्थ और निलेश गौतम मौजूद रहे।
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