कुल्लू/केलांग। सुशासन में जिला कुल्लू इस वर्ष पिछड़ गया है। दूसरे स्थान से इस साल छठे नंबर पर जा खिसक गया है। प्रदेश सरकार ने वीरवार को सभी जिलों के सुशासन, कानून व्यवस्था, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण आदि क्षेत्रों के जारी आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। जिला कुल्लू में सुशासन में 0.621 स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहा है। जबकि पारदर्षिता व जबावदेही में जिला कुल्लू 0.794 स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं कानून व्यवस्था में जिला कुल्लू 0.328 स्को के साथ सबसे अतिम फायदान में है। पर्यावरण के क्षेत्र में कुल्लू जिला 0.651 स्कोर के साथ आठवें नंबर पर है। अत्याचार में भी कुल्लू को 12 नंबर मिला है। महिला व बच्चों के सुरक्षा में सातवां, सामाजिक सुरक्षा में पांचवे, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण में भी कुल्लू जिला पांचवे स्थान पर है। रोजगार देने के मामले में भी 0.406 स्कोर के साथ कुल्लू को छठा स्थान मिला है। मानव विकास में बेहतर स्थान के साथ तीसरा नंबर, आवश्यक बुनियादी ढांचा में चौथा, आवास निर्माण में 0.817 स्कोर के साथ सातवां, पॉवर में छठा नंबर तथ प्रदूषण का उल्लंघन करने पर सातवीं रेंक में पहुंचा है। वहीं जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति बेहतरीन कानून व्यवस्था और कम आपराधिक घटनाओं के कारण लाहौल-स्पीति जिला हिमाचल में सबसे अव्वल आंका गया है। जबकि महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध सबसे कम मामले भी लाहौल-स्पीति के नाम रिकॉर्ड हुआ है। हिमाचल सरकार की तरफ से सर्वे के आंकड़ों ने फिर साबित कर दिया है कि घाटी के लोग आपराधिक गतिविधियों में विश्वास नहीं रखते हैं। जबकि सर्वे के मुताबिक लाहौल-स्पीति में मां बेटियां सबसे अधिक सुरक्षित है और कानून व्यवस्था के आधार पर जिला पूरे हिमाचल में सिरमौर बन कर उभरा है। सुशान में जनजातीय जिला भी दसवें स्थान से सबसे अंत 12वें नंबर पर जा पहुंचा है। पारदर्शिता व जवाबदेही में आठवें,पर्यावरण में छठे, सामाजिक सुरक्षा में 12वें, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण11वें, रोजगार देने में आठवें,मानव विकास में चौथे स्थान पर है।