अस्थायी शिविर के बाहर देव खेल रही आकर्षण
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देवभूमि कुल्लू के मुख्यालय में चलने वाले तीन दिवसीय पीपल जातर मेले का आगाज स्थानीय देवता गौहरी की शोभायात्रा के साथ हुआ। ढालपुर मंदिर से लेकर अस्थायी शिविर तक ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ देवता की शोभायात्रा निकली। अस्थायी शिविर के बाहर देवता के गूर द्वारा की गई देव खेल मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस देव खेल के सैकड़ों लोग साक्षी बने। इस दौरान देवता ने अपने गूर के माध्यम से पीपल जातर मेले में सुख-शांति रहने का संकेत दिया है। मेले में सुख शांति रहने की कामना नगर परिषद कुल्लू के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सभी पार्षदों ने की।
इससे पहले नगर परिषद के सभी प्रतिनिधियों ने देवता गौहरी के मंदिर जाकर माथा टेका और देवता की शोभा यात्रा में भाग लिया। प्रतिनिधियों ने देवता से ही पीपल मेले में विभिन्न आयोजन करवाने की अनुमति मांगी। इसके बाद दिनभर देवता के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गौहरी देवता के कारदार राजकुमार महंत ने बताया कि पीपल जातर मेले के तीनों दिनों दिन देवता अपनी अस्थायी शिविर में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। नगर परिषद कुल्लू की अध्यक्ष बिमला महंत ने कहा कि देव भूमि कुल्लू में देवता की अनुमति बिना कोई भी कार्य नहीं होते हैं।
उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक चल रहे इस पीपल जातर मेले का आगाज भी देवता गौहरी ने किया है। आगामी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए देवता से कामना की है। वहीं, नगर परिषद के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने बताया कि देवता गौहरी ने मेले में सुख शांति रहने का आशीर्वाद किया है। मेला सफलतापूर्वक पूर्ण होने की उन्हें उम्मीद है। उन्होंने शहरवासियों समेत जिला के लोगों को पीपल जातर मेले की शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर नगर परिषद के सभी पार्षद मौजूद रहे।