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Kullu News: क्षेत्रीय अस्पताल में ऑर्थों के मरीज बढ़े
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रोजाना 130 मरीज पहुंच रहे ओपीडी में उपचार करवाने, विशेषज्ञ मौसम को मान रहे कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ऑर्थो के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना की ओपीडी 120 से 130 चल रही है। पिछले तीन माह में अर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द) के करीब 400 मरीजों का उपचार किया गया है। अस्पताल में पहले मेडिसिन की ओपीडी में मरीज अधिक संख्या में पहुंचते थे, लेकिन अब ऑर्थो की ओपीडी में ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। रोजाना 120 के पार मरीजों की संख्या पहुंच रही है, जबकि मेडिसिन के मरीजों की संख्या रोजाना 100 से 110 के बीच है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो जोड़ों और कमर दर्द के मरीजों के बढ़ने का कारण परिवर्तनशील मौसम को बताया जा रहा है। मौसम के एकाएक करवट बदलने से लोगों में अर्थराइटिस संबंधी समस्या बढ़ रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण लोग आसानी से अर्थराइटिस की चपेट में आ जाते हैं। अर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली बहुत आम सी दिक्कत है, लेकिन समय पर उपचार न होने से समस्या बढ़ सकती है। रक्त वाहिकाओं में संकुचन से जोड़ों में सूजन-कठोरता की दिक्कत हो सकती है। ओपीडी में हड्डी रोग से संबंधित गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या बेहद कम है। कमर और घुटनों के दर्द के मरीज अधिक हैं।
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क्षेत्रीय अस्पताल में ऑर्थो के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेषज्ञ उपचार के साथ काउंसलिंग भी कर रहे हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि कैसे अर्थराइटिस की समस्या से बचा जा सकता है।
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-डॉ. नरेश चंद, चिकित्सा अधीक्षक कुल्लू
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ऑर्थो के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना की ओपीडी 120 से 130 चल रही है। पिछले तीन माह में अर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द) के करीब 400 मरीजों का उपचार किया गया है। अस्पताल में पहले मेडिसिन की ओपीडी में मरीज अधिक संख्या में पहुंचते थे, लेकिन अब ऑर्थो की ओपीडी में ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। रोजाना 120 के पार मरीजों की संख्या पहुंच रही है, जबकि मेडिसिन के मरीजों की संख्या रोजाना 100 से 110 के बीच है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो जोड़ों और कमर दर्द के मरीजों के बढ़ने का कारण परिवर्तनशील मौसम को बताया जा रहा है। मौसम के एकाएक करवट बदलने से लोगों में अर्थराइटिस संबंधी समस्या बढ़ रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण लोग आसानी से अर्थराइटिस की चपेट में आ जाते हैं। अर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली बहुत आम सी दिक्कत है, लेकिन समय पर उपचार न होने से समस्या बढ़ सकती है। रक्त वाहिकाओं में संकुचन से जोड़ों में सूजन-कठोरता की दिक्कत हो सकती है। ओपीडी में हड्डी रोग से संबंधित गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या बेहद कम है। कमर और घुटनों के दर्द के मरीज अधिक हैं।
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क्षेत्रीय अस्पताल में ऑर्थो के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेषज्ञ उपचार के साथ काउंसलिंग भी कर रहे हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि कैसे अर्थराइटिस की समस्या से बचा जा सकता है।
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-डॉ. नरेश चंद, चिकित्सा अधीक्षक कुल्लू
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