अब बारिश पर निर्भर है दिल्ली-भुंतर की फ्लाइट
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बीते पंद्रह दिनों से लगातार बंद चल रही एयर इंडिया की दिल्ली-भुंतर उड़ान अब बारिश पर निर्भर है। वीरवार को भुंतर की विजिबिलिटी में और भी कमी आई है। विजिबिलिटी चार किलोमीटर से गिर कर तीन किलोमीटर आ गई है। ऐसे में भुंतर एयरपोर्ट में नए साल तक फ्लाइट के नहीं की आशंका है। उड़ानों के बार-बार रद्द होने से एयर इंडिया को रोजाना आठ से दस लाख का नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं मनाली में नए साल का जश्न पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। उधर, मनाली के पर्यटन कारोबारियों की भी दिल्ली-भुंतर उड़ानों पर नजरें टिकी हैं, लेकिन घाटी में जब तक बारिश नहीं होगी तब तक उड़ान भी नहीं होगी।
भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक एएन शर्मा के अनुसार जहाज की उड़ान के लिए पांच किमी विजिबिलिटी का होना जरूरी है, लेकिन भुंतर व इसके आसपास विजिबिलिटी में और कमी आने लगी है और वीरवार को यह चार किमी से तीन किमी तक रह गई है। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि फ्लाइट के न आने से पर्यटन कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दिसंबर माह में लगभग हवाई उड़ानों के बंद होना कुल्लू-मनाली के हाई प्रोफाइल पर्यटन का काफी नुकसान पहुंचा है। अगले दो दिनों में अगर उड़ाने नहीं हुईं तो नए साल के जश्न पर भी इसका पड़ेगा।