मन की मुराद लेकर मां के दरबार पहुंचे श्रद्धालु
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दुर्गा स्वरूप शक्ति माता के शारदीय नवरात्रों का शनिवार को आगाज हो गया। शारदीय नवरात्रों में जिला के विभिन्न देवी मंदिरों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। इसी कड़ी में शनिवार को पहले नवरात्र के उपलक्ष्य में जिले के दुर्गा मंदिरों में पहले नवरात्र के दिन ही भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान माता के जयकारों से माहौल भक्ति मय हो गया। रामशिला स्थित वैष्णो देवी मंदिर, सरवरी में माता शीतला मंदिर, भेखली की भुवनेश्वरी जगन्नाथी, काईस की माता दशमी वारदा, न्योली रानी माता, पुईद के मदिर मां भुवनेश्वरी जगन्नाथी, देवी हिडिंबा मनाली, माता पार्वती चौंग, माता नैणा मणिकर्ण, माता गाड़ादुर्गा गुशैणी, माता बूढ़ी नागिन सरयोलसर सहित अन्य मंदिर में श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन करने पहुंचे। पहले नवरात्र में माता शैलपुत्री की पूजा की गई। पंडित ओमप्रकाश के अनुसार शारदीय नवरात्र की प्रथम शक्ति शैलपुत्री है।
सती जन्म में राजा दक्ष प्रजापति की पुत्री थी। सती का ही दूसरा रूप पार्वती या शैलपुत्री है। शंकर भगवान से इनका विवाह हुआ। पहले नवरात्र पर शनिवार को महिलाएं और युवतियां उपवास रखकर अपने मन की मुराद लेकर मां के दरबार पहुंची। हिडिंबा मंदिर मनाली में दर्शन करने आई सविता शर्मा, कुमारी शिल्पा और रिया ने कहा कि हिंदू धर्म में नवरात्रों का खास महत्व है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रों के दौरान सच्चे मन से आराधना करने से मन की मुराद पूरी होती है। नवरात्रों के दौरान माता के दर्शनों का विशेष फल मिलता है। देवी-देवता कारदार संघ के सलाहकार झाबे राम ठाकुर ने कहा कि मां भुवनेश्वरी जगन्नाथी पुईद के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर में विशेष इंतजाम किए गए है। देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि शरद नवरात्र में जिला के दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों का आस्था मेला लगा रहेगा। तमाम मंदिरों में देव विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।