नगर परिषद मनाली बनाएगी कूड़े-कचरे से बिजली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर परिषद मनाली लोगों को स्वच्छ वातावरण देने के लिए रांगडी में लगे कूड़े-कचरे के अंबार से अब बिजली बनाने जा रही है। इस इको फ्रेंडली पावर प्रोजेक्ट की स्थापना से न केवल गंदगी और बदबू से निजात मिलेगी बल्कि नगर परिषद को सालाना करोड़ों की अतिरिक्त आय भी होगी। कूड़े-कचरे से बिजली बनाने वाले इस पावर प्रोजेक्ट की साइट के लिए मनाली नगर परिषद ने जिला प्रशासन से पत्राचार शुरू किया है। नप ने प्रशासन से आग्रह किया गया है कि इस हाईटेक प्रावर प्रोजेक्ट के लिए साइट फाइनल करने के बाद साइट की भूमि को नगर परिषद के नाम ट्रांसफर किया जाए। वर्तमान में मनाली में प्रतिदिन 50 टन कचरा निकल रहा है। रांगडी में बनाया गया गारबेज साइट कूड़े से भर गया है।
नप को आसपास की पंचायतों से कूड़ा-कचरा लेने के लिए भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। लिहाजा समस्या के निदान को एक्सपर्ट से राय ली गई तो पावर प्रोजेक्ट भी एक विकल्प निकला। जिसे आगे बढ़ाते हुए नगर परिषद अब मनाली शहर को साफ सुथरा रखने और आय बढ़ाने को पावर प्रोजेक्ट की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ रही है। नगर परिषद मनाली की अध्यक्षा शबनम तनवर ने बताया कि हाईटेक पॉवर प्रोजेक्ट के लिए साइट फाइनल करने के लिए प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। साइट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट से मनाली शहर को कूड़ा-कचरा से निजात मिलेगी।
वहीं, मौहल स्थित जीबी पंत हिमालयन पर्यावरण अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक जेसी कुनियाल ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। उधर, एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने बताया कि मनाली में कूड़ा-कचरा की निपटारे के लिए इको फ्रैंडली प्रोजेक्ट उपयुक्त है। इससे मनाली का कुदरती सौंदर्य बरकरार रखने में मदद मिलेगी। विश्व प्रसिद्घ पर्यटन नगरी मनाली के लिए स्वच्छता बेहद जरूरी है। जिसे ध्यान में रखते हुए नगर परिषद इस प्रोजेक्ट को अपना रही है। गंदगी होने पर पर्यटकों के बीच में गलत संदेश जाएगा और पर्यटक दोबारा मनाली नहीं पहुंचेंगे। जिससे कारोबार में दिक्कतें पेश आ सकती हैं। वर्तमान में नगर परिषद और प्रशासन मनाली को स्वच्छ रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन डंपिंग साइट की वजह से दिक्कतें पेश आ रही हैं।