{"_id":"696a1350fcacca4bd10a8a81","slug":"kullu-patwari-and-kanungo-attacked-during-demarcation-of-illegal-encroachment-bdc-chairman-and-his-relatives-2026-01-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: कुल्लू में निशानदेही करने गए पटवारी-कानूनगो पर जानलेवा हमला, भाग कर बचाई जान; देखें वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: कुल्लू में निशानदेही करने गए पटवारी-कानूनगो पर जानलेवा हमला, भाग कर बचाई जान; देखें वीडियो
Fri, 16 Jan 2026 07:01 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 16 Jan 2026 07:01 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में डिमार्केशन करने के लिए गई टीम पर बीडीसी अध्यक्ष और उसके रिश्तेदारों ने जानलेवा हमला कर दिया।
विज्ञापन
काईस क्षेत्र के राऊगी में हमले में घायल पटवारी को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ले जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
जिला कुल्लू के काईस क्षेत्र की राउगी पंचायत में पटवारी और कानूनगो पर जानलेवा हमला होने का मामला सामने आया है। घटना को अंजाम देने का आरोप बीडीसी सदस्य और उनके रिश्तेदार पर लगाया गया है।
विज्ञापन
हादसे में घायल पटवारी भूप सिंह ने बताया कि अगस्त 2025 में विभाग के पास शिकायत आई थी कि बीडीसी अध्यक्ष ने क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जा किया था। इसकी डिमार्केशन करने के लिए शुक्रवार को टीम मौके पर गई थी। जिसमें दो पुलिस, पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी, राउगी पंचायत के प्रधान सहित अन्य प्रतिनिधि मौके पर थे।
विज्ञापन
पटवारी भूप सिंह ने बताया कि इस दौरान बीडीसी अध्यक्ष मौके पर पहुंचा और सबसे पहले कानूनगो पर हमला कर दिया। इस दौरान कानूनगो का चश्मा गिर गया और मैं उसे उठाने के लिए आगे बढ़ा तो डंडे से हमला कर किया। पुलिस जवान ने बचाने की कोशिश की, लेकिन बीडीसी अध्यक्ष और उनके रिश्तेदारों ने हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि वह वहां से जान बचाकर भागे और दस्तावेज भी गुम हुए हैं।
विज्ञापन
जानलेवा हमले में घायल कानूनगो और पटवारी से मिलने कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आज कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचकर मनाली में कांग्रेसी नेताओं द्वारा जानलेवा हमले में घायल कानूनगो और पटवारी से मिल कर उनके कुशल क्षेम जाना और उनके न्याय के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया। सत्ता संरक्षित कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन के आदेश पर पैमाइश करने गए कानूनगो और पटवारी के साथ जिस तरह की बर्बरता की गई है, वह अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर नेताओं की यह अराजकता हिमाचल प्रदेश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। सत्ता का इससे अधिक बेशर्म और क्रूर चेहरा हो ही नहीं सकता। सत्ता संरक्षित लोगों द्वारा कानूनगो और पटवारी के साथ मारपीट जैसा गुंडागर्दी का ऐसा मामला प्रदेश में पहले कभी न सुनने को मिला और न देखने को। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस का सत्ता संरक्षित नेता प्रशासन के आदेश पर सम्मन लेकर गए अधिकारी को धमकाता है और बाद में पैमाइश करने पहुंचे कानूनगो व पटवारी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटता है, उन पर जानलेवा हमला करता है, वह हर दृष्टि से एक जघन्य अपराध है। सत्ता के संरक्षण में कुछ लोग इतने बेकाबू हो गए हैं कि वे प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और कानून का सम्मान करना भूल चुके हैं। सत्ता का नशा कांग्रेस नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आज कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचकर मनाली में कांग्रेसी नेताओं द्वारा जानलेवा हमले में घायल कानूनगो और पटवारी से मिल कर उनके कुशल क्षेम जाना और उनके न्याय के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया। सत्ता संरक्षित कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन के आदेश पर पैमाइश करने गए कानूनगो और पटवारी के साथ जिस तरह की बर्बरता की गई है, वह अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर नेताओं की यह अराजकता हिमाचल प्रदेश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। सत्ता का इससे अधिक बेशर्म और क्रूर चेहरा हो ही नहीं सकता। सत्ता संरक्षित लोगों द्वारा कानूनगो और पटवारी के साथ मारपीट जैसा गुंडागर्दी का ऐसा मामला प्रदेश में पहले कभी न सुनने को मिला और न देखने को। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस का सत्ता संरक्षित नेता प्रशासन के आदेश पर सम्मन लेकर गए अधिकारी को धमकाता है और बाद में पैमाइश करने पहुंचे कानूनगो व पटवारी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटता है, उन पर जानलेवा हमला करता है, वह हर दृष्टि से एक जघन्य अपराध है। सत्ता के संरक्षण में कुछ लोग इतने बेकाबू हो गए हैं कि वे प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और कानून का सम्मान करना भूल चुके हैं। सत्ता का नशा कांग्रेस नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि इस मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए और कठोर से कठोर धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह कार्रवाई आगे चलकर हर सट्टा-संरक्षित माफिया के लिए एक नजीर बन सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने और निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, वे माफिया राज के तांडव की कहानी बयान कर रही हैं और दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि लगभग हर मामले में कांग्रेसी नेताओं की संलिप्तता या सह सामने आ रही है। ऊना में गोली चली तो किस कांग्रेसी नेता के होटल में चली? बिलासपुर में भाड़े पर शूटर बुलाकर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की घटना हुई, उसमें किस कांग्रेसी नेता का नाम सामने आया? नालागढ़, चंबा और शिमला—जहां भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, हर जगह कांग्रेसी नेताओं की भूमिका और संरक्षण उजागर हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे माफिया राज पर मुख्यमंत्री को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कानून का राज स्थापित करना चाहिए, ताकि आम नागरिक और सरकारी कर्मचारी स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
पटवारी-कानूनगो संघ ने किया काम बंद करने का एलान
जिले के राउगी में पटवारी-कानूनगो पर हुए जानलेवा हमले को लेकर पटवारी-कानूनगो संघ ने काम बंद करने का एलान कर दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष ऋषभ डोगरा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वह उपाध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर चुके हैं। उनके माध्यम से संघ की तरफ से सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें हमलावरों के खिलाफ हत्या का प्रयास करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हमला करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब तक वे कामकाज ठप रखेंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं असुरक्षा का माहौल पैदा करती है। जबकि पटवारी कानूनगो का काम आमतौर पर फिल्ड में ही होता है ऐसे में कभी भी इस तरह के हमले होंगे। इसके लिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा का माहौल बनाने की भी मांग की। उन्होंने चंबा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक पटवारी ने रिश्वत नहीं ली तो उसे पीटा गया।
जिले के राउगी में पटवारी-कानूनगो पर हुए जानलेवा हमले को लेकर पटवारी-कानूनगो संघ ने काम बंद करने का एलान कर दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष ऋषभ डोगरा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वह उपाध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर चुके हैं। उनके माध्यम से संघ की तरफ से सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें हमलावरों के खिलाफ हत्या का प्रयास करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हमला करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब तक वे कामकाज ठप रखेंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं असुरक्षा का माहौल पैदा करती है। जबकि पटवारी कानूनगो का काम आमतौर पर फिल्ड में ही होता है ऐसे में कभी भी इस तरह के हमले होंगे। इसके लिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा का माहौल बनाने की भी मांग की। उन्होंने चंबा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक पटवारी ने रिश्वत नहीं ली तो उसे पीटा गया।