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Kullu News: देव परंपरा का निर्वहन कर देवालय पहुंचे जुआणी महादेव
Wed, 07 May 2025 10:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 07 May 2025 10:11 PM IST
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रामशिला में देवलुओं को मिष्ठान किया वितरित
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता जुआणी महादेव मौहल मेले से ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की मंगलमय ध्वनियों के बीच बुधवार को अपने देवालय न्योली पहुंचे। देवता बीते सोमवार को मौहल मेले के लिए देव परंपरा निभाने के लिए गए थे।
मौहल मेले में देवता ने दो दिन तक देव परिपाटी का निर्वहन किया। देवता अस्थायी तंबू डाल कर दो दिन तक मेले में रहे। देवता के कारकूनों और हारियानों के लिए मौहल में देव भोज का भी आयोजन किया गया। बुधवार को देवता अपने देवालय की ओर रवाना हुए और संध्याकाल को न्योली पहुंचे। यहां देवता का श्रद्धालुओं और हारियानों ने देवता का फूलों और धूप से स्वागत किया। इससे पहले देवता का विश्राम रामशिला में हुआ। यहां देवता की ओर से तमाम हारियानों को मौहल मेले के उपलक्ष्य पर मिष्ठान भी आवंटित किया गया। इस परंपरा आज भी बखूबी से निभाया जा रहा है। देवता के कारदार गोपाल महंत ने कहा कि देवता हर साल मौहल मेले के लिए जाते हैं। दो दिन देव परंपरा का निर्वहन किया गया। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता जुआणी महादेव मौहल मेले से ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की मंगलमय ध्वनियों के बीच बुधवार को अपने देवालय न्योली पहुंचे। देवता बीते सोमवार को मौहल मेले के लिए देव परंपरा निभाने के लिए गए थे।
मौहल मेले में देवता ने दो दिन तक देव परिपाटी का निर्वहन किया। देवता अस्थायी तंबू डाल कर दो दिन तक मेले में रहे। देवता के कारकूनों और हारियानों के लिए मौहल में देव भोज का भी आयोजन किया गया। बुधवार को देवता अपने देवालय की ओर रवाना हुए और संध्याकाल को न्योली पहुंचे। यहां देवता का श्रद्धालुओं और हारियानों ने देवता का फूलों और धूप से स्वागत किया। इससे पहले देवता का विश्राम रामशिला में हुआ। यहां देवता की ओर से तमाम हारियानों को मौहल मेले के उपलक्ष्य पर मिष्ठान भी आवंटित किया गया। इस परंपरा आज भी बखूबी से निभाया जा रहा है। देवता के कारदार गोपाल महंत ने कहा कि देवता हर साल मौहल मेले के लिए जाते हैं। दो दिन देव परंपरा का निर्वहन किया गया। संवाद
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