तीर्थन घाटी में डेढ़ दर्जन गांव सड़क से वंचित
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उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी के डेढ़ दर्जन गांव आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़े हैं। आपात स्थिति में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार बीमार को अस्पताल पहुंचाने में काफी देरी हो जाती है। किसान-बागवानों को सब्जियों और फलों की खेप मंडियों तक पहुंचाने में काफी दिक्कतें आती हैं। ढुलाई में ही कमाई चली जाती है। मौजूदा समय में घाटी के रोपा, तिंदर, मनियार, डिंगचा, खरूंगचा, नाहीं, लागचा, दारन, शुंगचा, धार, शील, शरूंगर, धारा शलिंगा, चिपनी, लटवार, नाइणीं, मशियार, मझली, कमेडा, दाड़ी, धामणीं, बशीर आदि गांव सड़क सुविधा से कोसों दूर है।
इस संबंध में ग्रामीण रोशन लाल, तिलक राज शर्मा, चंदन ठाकुर, देवराज, मोहर, कमल चंद, पुरुषोत्तम, दिनेश कुमार और डेसम ठाकुर ने कहा कि तीर्थन घाटी के पांच पंचायतों में दो दर्जन गांवों को सड़क नहीं पहुंची है। गांव में जब कोई आदमी बीमार पड़ जाता है। तो उसे सड़क तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो मरीज आधा रास्ते में ही दम तोड़ देता है। सड़क न होने से किसानों व बागवानों को अपने उत्पादों को मंडियों में पहुंचाने में भी परेशानी आती है। बारिश से कई बार तो उत्पाद खेतों में सड़ जाते हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी केवल आश्वासन ही देते हैं। लोगों ने मांग की है कि इन गांवों को जल्द से जल्द सड़क से जोड़ा जाए। वहीं इस संबंध में खाड़ागाड़ वार्ड के जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र शौरी ने कहा कि इन गांवों को मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से अंतर्गत जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। गांवों को सड़क से जोड़ने के भरसक प्रयास किए जाएंगे।