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Kullu News: वर्षाशालिका में रह रहे बेघर, सीमाओं में बंधा भुंतर रैन बसेरा

Mon, 08 Dec 2025 05:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Mon, 08 Dec 2025 05:19 AM IST
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Homeless living in rain shelter, Bhuntar night shelter confined within limits
शाढ़ाबाई वर्षाशालिका में कुछ इस तरह की गंदगी में रह रहे एक महिला और पुरूष। संवाद
..ग्राउंड रिपोर्ट
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रैन बसेरा सालभर में सिर्फ दो जरूरतमंदों के लिए बना सहारा
नगर पंचायत की सीमा से बाहर शाढ़ाबाई के इन मजबूरों को नहीं मिल रही सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भुंतर नगर पंचायत में जहां आवासहीन और जरूरतमंदों को मुफ्त में ठहरने के लिए रैन बसेरा का निर्माण किया गया है, वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत की सीमा से करीब आधा किलोमीटर दूर शाढ़ाबाई वर्षाशालिका में रह रहे महिला और एक पुरुष के लिए आश्रय नहीं मिल पा रहा है।
ये दोनों करीब डेढ़ साल से यहां खुली वर्षाशालिका में रह रहे हैं। इनके पास पुरानी रजाई और कंबल के अलावा कुछ नहीं है। चारों तरफ से खुली वर्षाशालिका में दोनों किस कद्र रह रहे हैं इसे लेकर न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने कोई कदम उठाया है और न ही किसी समाजसेवी संस्था ने हाथ बढ़ाया है। जबकि भुंतर में बना रैन बसेरा में इन्हें ठहराने के लिए सीमा आड़े आ रही है।
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नगर पंचायत भुंतर के अधिकारियों की मानें तो उनका क्षेत्र भुंतर एयरपोर्ट तक पड़ता है और इस क्षेत्र में अगर कोई रात को फुटपाथ पर सोता हुआ मिलता है उसे रैन बसेरा में उठाकर लाया जाता है और उसके ठहरने की व्यवस्था की जाती है। सीमा से बाहर टीम नहीं जाती है। हालांकि उनकी दलील है कि अगर कोई सामाजिक संस्था या पुलिस और अन्य सेवा से जुड़े लोग किसी जरूरतमंद को लेकर आते हैं तो उसके रहने की व्यवस्था की जा सकती है।
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हैरानी की बात है कि डेढ़ साल से अधिक समय से महिला और पुरुष शाढ़ाबाई की खुली वर्षाशालिका में रहने को मजबूर हैं लेकिन किसी ने इनकी सुध लेने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है महिला मलाणा क्षेत्र की रहने वाली है और पुरुष किसी दूसरे क्षेत्र का रहने वाला है।


बाक्स,
शहर में कोई भी आवासहीन या मजबूर लोग सड़क या फुटपाथ पर सोता है तो उसे रैन बसेरा में ठहराया जाता है। पिछली बार दो लोगों को सर्दी के मौसम में रैन बसेरा में ठहराया गया था। इस बार अभी तक कोई ऐसा नहीं मिला है। शाड़ाबाई में रह रहे लोगों के बारे में फिलहाल पता नहीं है और नगर पंचायत भी अपनी सीमा क्षेत्र में ही कार्य करनी है।
-हर्षित शर्मा, सचिव, नगर पंचायत भुंतर
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