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कुल्लू: तीर्थन घाटी में बनी रहेगी सुख समृद्धि
Sun, 19 Feb 2023 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:16 PM IST
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कुल्लू के बंजार में गुशैणी में आराध्य माता गाड़ा दुर्गा का तवार उत्सव के दौरान देवलुओं के साथ पर
गुशैणी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में सालभर सुख-समृद्धि बनी रहेगी। माता गाड़ादुर्गा ने गूर के माध्यम से यह भविष्यवाणी की है। घाटी में रविवार को माता के सम्मान में हूम पर्व मनाया गया।
माता ढोल-नगाड़ों की थाप पर बांदल गांव में स्थित अपने मुख्य मंदिर से प्राचीन मंदिर गुशैणी पहुंची। गुशैणी में श्रद्धालुओं ने माता का फूल-मालाओं से स्वागत किया। देव रीति-रिवाजों के अनुसार हूम पर्व की परंपरा निभाई। इसके बाद माता ने गूर के माध्यम से सालभर के लिए भविष्यवाणी की। ऐसा दावा किया जा रहा है।
माता गाड़ादुर्गा के सम्मान में महाशिवरात्रि के साथ हूम पर्व मनाया जाता है। माता के कारकूनों और हारियानों ने परंपरा को बखूबी निभाया। माता रविवार को दोपहर 1:00 बजे बांदल से गुशैणी के लिए रवाना हुईं। करीब 2:00 बजे माता गुशैणी गांव पहुंची। इसके उपरांत माता की पूजा-अर्चना की गई और बजंतरियों ने झूणा के देव नियम को निभाया। वहीं, कारदार मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि माता गाड़ादुर्गा सात पंचायतों की आराध्य देवी हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत कंडीधार, तुंग, पेखड़ी, नोहांडा, शरची, शिल्ही और मशियार में हूम पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रविवार को माता ने गुशैणी पहुंच कर सालभर के लिए सुख-समृद्धि की भविष्यवाणी की। यह घाटीवासियों के लिए राहत की बात है। संवाद
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माता ढोल-नगाड़ों की थाप पर बांदल गांव में स्थित अपने मुख्य मंदिर से प्राचीन मंदिर गुशैणी पहुंची। गुशैणी में श्रद्धालुओं ने माता का फूल-मालाओं से स्वागत किया। देव रीति-रिवाजों के अनुसार हूम पर्व की परंपरा निभाई। इसके बाद माता ने गूर के माध्यम से सालभर के लिए भविष्यवाणी की। ऐसा दावा किया जा रहा है।
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माता गाड़ादुर्गा के सम्मान में महाशिवरात्रि के साथ हूम पर्व मनाया जाता है। माता के कारकूनों और हारियानों ने परंपरा को बखूबी निभाया। माता रविवार को दोपहर 1:00 बजे बांदल से गुशैणी के लिए रवाना हुईं। करीब 2:00 बजे माता गुशैणी गांव पहुंची। इसके उपरांत माता की पूजा-अर्चना की गई और बजंतरियों ने झूणा के देव नियम को निभाया। वहीं, कारदार मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि माता गाड़ादुर्गा सात पंचायतों की आराध्य देवी हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत कंडीधार, तुंग, पेखड़ी, नोहांडा, शरची, शिल्ही और मशियार में हूम पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रविवार को माता ने गुशैणी पहुंच कर सालभर के लिए सुख-समृद्धि की भविष्यवाणी की। यह घाटीवासियों के लिए राहत की बात है। संवाद
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