पॉलीटनल पर सरकार ने खत्म की सब्सिडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने डॉ वाईएस परमार किसान-बागवान स्वरोजगार योजना के तहत मिलने वाली पॉलीटनल पर मिलने वाले अनुदान को खत्म कर दिया है। पहले सरकार की ओर से पॉलीटनल में सरकार का 85 फीसदी अनुदान का प्रावधान था और लाभार्थियों को महज 15 फीसदी राशि को ही अदा करना पड़ रहा था। ऐसे में अब पॉलीटनल में अनुदान खत्म किए जाने पर घाटी के किसान-बागवानों में रोष है। जिला लाहौल-स्पीति में इस योजना के तहत अनुदान पर मिलने वाली पॉलीटनल किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन सरकार ने किसानों के लाभ उठाने से पहले योजना को लाभ बंद कर दिया है।
जिला कृषि विभाग केलांग के पास पॉलीटनल का लाभ लेने के लिए 200 किसानों के आवेदन पत्र लंबित पड़े हैं। अब किसानों को कृषि विभाग के कार्यालयों से मायूस लौटना पड़ रहा है। सब्जी उत्पादन को लेकर मार्च माह में पनीरी तैयार करने के लिए पॉलीटनल किसानों के लिए बेहतर जरिया है। रेडीमेड स्ट्रक्चर होने के चलते किसानों को यह किफायती दामों में भी उपलब्ध होती थी। बीते कुछ सालों से घाटी के किसानों का रूझान सब्जी उत्पादन की ओर अधिक हुआ है। ऐसे में मार्च माह के दिनों फूलगोभी की पनीरी तैयार करने के लिए पॉलीटनल की काफी मांग है।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक डा. वाईएस परमार किसान बागवान सब रोजगार योजना के तहत अनुदान पर मिलने वाली पॉलीटनल घाटी के महज 225 लाभार्थी ही इसका लाभ ले चुके हैं। इस संबंध में इलाके के किसान भाग राम, श्याम सिंह, बुद्धि राम, प्रेेमजीत, राम सिंह ओर प्रेम सिंह ने कहा कि सरकार को स्कीम का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन सरकार ने योजना को सिरे चढ़ने से पहले ही बंद कर दिया। जिप चेयरमैन रमेश रुवलवा और वार्ड तीन जाहलमा के जिप सदस्य सुदर्शन जस्पा ने कहा कि 30 नवंबर बुधवार को केलांग में होने वाली पीआरआई की बैठक में किसान हित के इस मुद्दे को विशेष रुप से उठाया जाएगा। जिला कृषि अधिकार केलांग डॉ ध्यान सिंह ने पॉलीटनल में अनुदान खत्म करने की पुष्टि की है।