{"_id":"6831fba29eec2aa32909e132","slug":"gardeners-should-install-nets-in-the-gardens-to-protect-crops-from-hail-kullu-news-c-89-1-ssml1012-148273-2025-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: ओलों से फसल बचाने के लिए बगीचों में जाली लगाएं बागवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: ओलों से फसल बचाने के लिए बगीचों में जाली लगाएं बागवान
Sat, 24 May 2025 10:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 24 May 2025 10:32 PM IST
विज्ञापन
जिले में पांच दिन परिवर्तनशील रहेगा मौसम, अंधड़ भी पहुंचा सकता है नुकसान
पौधों को सहारा दें, अंधड़ से हो सकता है तनों और पत्तियों को नुकसान : डॉ अभय
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पांच दिन मौसम परिवर्तनशील रहेगा। ओलावृष्टि से सेब सहित अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए बागवान फसलों को बचाने के लिए अपने बगीचों में ओलावृष्टि रोधी जाली लगाएं। अंधड़ से पत्तियों, तनों और फल टूट सकते हैं।
ऐसे में बागवान पौधों को सहारा दें और उन्हें एकसाथ रखें। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बागबानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग ने जिले के बागवानों के लिए यह एडवाइजरी जारी की है। कहा है कि 24 से 28 मई के बीच अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इस दौरान लग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ अंधड़ और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अंधड़ पत्तियों, तनों और फलों को तोड़ सकता है। अनुसंधान केंद्र सेउबाग ने किसानों-बागवानों को सलाह दी है कि वे पौधों को सहारा दें और उन्हें एक साथ रखें। ओलावृष्टि से फलों पर काफी असर पड़ सकता है, जिससे पौधों के वनस्पति और प्रजनन दोनों भागों को नुकसान पहुंच सकता है। किसान-बागवान सुरक्षात्मक जाल का उपयोग कर फसलों को सीधे ओलों के प्रभाव से बचा सकते हैं। बागवान बगीचों में ओलावृष्टि रोधी जाल लगाएं। खासकर सेब, गुठलीदार फल और नाशपाती जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों पर ओलावृष्टि की नुकसान हो सकता है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बागबानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग के रिसर्च एसोसिएट डॉ अभय शर्मा ने कहा कि जिले में 28 मई तक मौसम परिवर्तन रहने का अनुमान है।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
पौधों को सहारा दें, अंधड़ से हो सकता है तनों और पत्तियों को नुकसान : डॉ अभय
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पांच दिन मौसम परिवर्तनशील रहेगा। ओलावृष्टि से सेब सहित अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए बागवान फसलों को बचाने के लिए अपने बगीचों में ओलावृष्टि रोधी जाली लगाएं। अंधड़ से पत्तियों, तनों और फल टूट सकते हैं।
ऐसे में बागवान पौधों को सहारा दें और उन्हें एकसाथ रखें। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बागबानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग ने जिले के बागवानों के लिए यह एडवाइजरी जारी की है। कहा है कि 24 से 28 मई के बीच अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इस दौरान लग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ अंधड़ और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
विज्ञापन
अंधड़ पत्तियों, तनों और फलों को तोड़ सकता है। अनुसंधान केंद्र सेउबाग ने किसानों-बागवानों को सलाह दी है कि वे पौधों को सहारा दें और उन्हें एक साथ रखें। ओलावृष्टि से फलों पर काफी असर पड़ सकता है, जिससे पौधों के वनस्पति और प्रजनन दोनों भागों को नुकसान पहुंच सकता है। किसान-बागवान सुरक्षात्मक जाल का उपयोग कर फसलों को सीधे ओलों के प्रभाव से बचा सकते हैं। बागवान बगीचों में ओलावृष्टि रोधी जाल लगाएं। खासकर सेब, गुठलीदार फल और नाशपाती जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों पर ओलावृष्टि की नुकसान हो सकता है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बागबानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग के रिसर्च एसोसिएट डॉ अभय शर्मा ने कहा कि जिले में 28 मई तक मौसम परिवर्तन रहने का अनुमान है।
विज्ञापन