कुल्लू। जिला में तिब्बत की आजादी के लिए आवाज बुलंद की। तिब्बती समुदाय के लोगों ने सैकड़ों की संख्या में सड़कों पर उतरकर चीन के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला मुख्यालय कुल्लू में वीरवार को तिब्बतियों ने ढालपुर चौक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, न्यायालय परिसर, उपायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय अस्पताल, कॉलेज चौक, लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र होते हुए परेड मैदान तक रैली निकाली। इसके बाद तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान से 63वें तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस का शुभारंभ किया गया। आजादी के लिए आत्मदाह करने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
तिब्बती सेटलमेंट अधिकारी डूपतन छोपेन ने कहा कि इसी दिन साल 1959 में तिब्बतियों ने तिब्बत पर चीनी सरकार के कब्जे के खिलाफ शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन किया था। उसको लेकर वीरवार को कुल्लू जिला में रैली निकालकर तिब्बत की आजादी के लिए आवाज उठाई गई। उन्होंने कहा कि दस मार्च को 63वें तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस के अलावा तिब्बतियों की अहिंसक विरोध की 14वीं वर्षगांठ भी मनाई गई। चीन ने तिब्बत में तिब्बती संस्कृति और मठों को नष्ट किया है। इसका तिब्बती समुदाय विरोध करता है। इस दौरान चेमी डोलमा, पेमा नमग्याल, दलीप सिंह ठाकुर, हिरालाल ठाकुर आदि उपस्थित रहे।