फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Drought sucks moisture from orchards, apples in trouble

Kullu News: सूखे ने सोखी बगीचाें से नमी, संकट में सेब

Thu, 30 Jan 2025 10:58 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Thu, 30 Jan 2025 10:58 PM IST
विज्ञापन
Drought sucks moisture from orchards, apples in trouble
पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं होने से जिले के बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें
विज्ञापन

बागवान बोले- चिलिंग ऑवर्स पूरे न होने का सता रहा डर, नहीं लगा पा रहे सेब के नए पौधे
कहा- तीन साल से आ रही उत्पादन में गिरावट, फरवरी-मार्च में बर्फ नहीं गिरी तो होगा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। सूखे जैसे हालात ने सेब बगीचों में नमी सोख ली है। इससे खाद घुलने में समस्या आ रही है। बागवानी संबंधी अन्य कार्यों करने में भी दिक्कत आ रही है। जमीन में आधा फीट नीचे नमी नहीं है।
सूखे जैसे हालात में सेब के नए पौधे लगाना मुश्किल हो रहा है। जिले के बागवानों का कहना है कि सेब की अच्छी फसल के लिए बारिश और बर्फबारी की जरूरत है। इस साल न तो पर्याप्त बारिश हुई है और न ही बर्फबारी। इससे सेब की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जलवायु परिवर्तन की वजह से बर्फबारी न होना परेशानी का सबब बन रहा है। बागवानों ने कहा कि समय पर बर्फबारी और बारिश न होने से पिछले तीन साल से सेब के उत्पादन में गिरावट आ रही है। जरूरत के मुताबिक बारिश और बर्फबारी नहीं हो रही है।
विज्ञापन

जिले में अधिकतर सेब उत्पादित इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है। इसका असर फसल पर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। बागवान प्रताप पठानिया, महेश, ज्ञान ठाकुर, देवराज नेगी, चमन और कैलाश ठाकुर ने कहा कि दिन का तापमान भी सामान्य से अधिक है। बारिश और बर्फबारी नहीं होने से सूखे जैसे हालत बन गए हैं। ऐसे में चिलिंग ऑवर्स कैसे पूरे होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी और मार्च में बर्फबारी नहीं होती है तो निश्चित ही चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होंगे, जिससे सेब फसल पर नकारात्मक असर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--

गुठलीदार फलों के लिए तो चिलिंग ऑवर्स सेब की तुलना में कम चाहिए। सेब के लिए 700 से 1400 घंटे चिलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती है। फरवरी और मार्च में बर्फबारी होती है तो सेब के लिए जरूरी चिलिंग ऑवर्स पूरे हो जाएंगे। चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होने से फसल पर प्रभाव पड़ेगा।
- उत्तम पराशर, विषयवाद विशेषज्ञ, बागवानी विभाग
--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed