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Kullu News: बेबस आंखों के सामने पल भर में राख बन गए सपने

Mon, 10 Nov 2025 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Mon, 10 Nov 2025 10:53 PM IST
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Dreams turned to ashes in a moment before helpless eyes
कुल्लू जिला के बंजार उपमंडल के तीर्थन घाटी के झनियार गांव में लगी आग में कई घर जलकर राख हो गए ह
आग बुझाने के लिए न पानी मिला और सड़क न होने के कारण दमकल वाहन पहुंच पाया
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आंखाें से छलक रहे आंसू, सर्द हवाओं के बीच अब खुले आसमान के नीचे आ गए 16 परिवार

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इसे बेबसी नहीं तो और क्या कहेंगे। आंखों के सामने आशियाने जल रहे थे। आग बुझाने के लिए न पानी था और न ही अन्य साधन। गांव के लिए सड़क भी नहीं हैं। इस कारण दमकल वाहन भी कैसे पहुंचता।
झनियार गांव के आग से प्रभावित 16 परिवार आंखों में आंसू लिए बेबस होकर आशियानों को जलते देखते ही रह गए। कुछ ही पलों में जीवन भर की पूंजी राख में बदल गई। अब प्रभावित परिवार सर्द रातों में आश्रय की तलाश में हैं। आंखों से छलकते आंसू उनकी बेबसी की गवाही दे रहे हैं।
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प्रभावित परिवारों के पास आंखों के सामने आशियानों को जलते देखने के अलावा कोई और चारा नहीं था। आग पर काबू पाने के साधन न होने की बेबसी उनकी आंखों में झलक रही थी। सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद अफरा-तफरा मच गई। इसके बाद आग पर काबू पाने के लिए सब दौड़ने लगे तो कुछ साधन नहीं मिला। लकड़ी के ढाई से तीन मंजिला मकानों में लगी आग पर काबू पाना कोई आसान काम नहीं था। गांव के पानी का स्रोत दूर होने के कारण यह आग पर काबू पर काबू पाने में काम नहीं आ सका। दूसरा विकल्प दमकल वाहन था। सड़क न होने के कारण ग्रामीण लाचार और बेबस नजर आए। अपने आशियानों को राख के ढेर में बदलने का गम उनकी नम आंखों से साफ नजर आ रहा था। आग की इस भीषण घटना ने 16 मकानों को राख के ढेर में बदल दिया। 16 से अधिक परिवार अब सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। आग में राख हुए आशियानों के बाद अब इन परिवारों के सिर से छत छिन गई है। आग से प्रभावित हुए परिवार घरों से कुछ भी नहीं निकाल सके। आग की इस घटना में उनकी जीवन भर पूंजी देखते ही देखते खाक हो गई। अपने जलते हुए आशियानों को देखकर प्रभावित परिवारों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। सोमवार का यह दिन उनके ताउम्र याद रहेगा।
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दूसरी ओर जब आग का तांडव बढ़ रहा था। आग की चपेट में और मकान भी आ सकते थे तो ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही कई मकानों को आग से बचाया। ग्राम पंचायत नोहांडा के प्रधान अंकुश श्लाठ ने कहा कि आग की घटना के बाद पूरे गांव में शोक पसर गया है। उन्होंने कहा कि आग की इस घटना ने कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं।



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आसपास के गांवों से मदद को पहुंचे लोग
आग की घटना का जैसे ही लोगों को पता चला तो आसपास के गांवों से भी लोग झनियार गांव पहुंचे। लोगों ने गांव में पहुंचकर प्रभावित परिवारों का हौसला बढ़ाया। प्रभावित परिवारों के कई रिश्तेदार भी आग की सूचना के बाद यहां पहुंचे।
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