{"_id":"68cc3f58cefa1cd559068b7d","slug":"devotees-flocked-to-have-darshan-of-deity-vasuki-kullu-news-c-89-1-ssml1015-157318-2025-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: देवता वासुकी के दर्शन करने के लिए उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: देवता वासुकी के दर्शन करने के लिए उमड़े श्रद्धालु
Thu, 18 Sep 2025 11:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:00 PM IST
विज्ञापन
पाथला शौयरी मेले में देवनृत्य करते हुए देवी-देवता। संवाद
हरिपुर (कुल्लू)। जिले में सायर संक्रांति से मेलों का आयोजन शुरू हो गया है। ऊझी घाटी के हल्लाण-एक गांव में भी देवता वासुकी नाग के सम्मान में शौयरी मेला मनाया।
मेले में देव परंपराओं का देव विधि-विधान से निर्वहन किया गया। हल्लाण-एक गांव स्थित मंदिर में पूरा दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आराध्य देवता वासुकी नाग और माता कोटली के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। कारदार अंकित नेगी ने कहा कि देवता वासुकी नाग का करड़ू (पालकी) साल में तीन बार ही निकलती है। करड़ू को जन्माष्टमी, फागली और सायर संक्रांति के दिन ही निकाला जाता है। इस बार भी परंपरा का निर्वहन देव नियमों और विधि-विधान से किया जा रहा है। मेले में देवता वासुकी नाग के अलावा सोयल क्षेत्र की माता कोटली और प्रीणी के देवता फाहे नाग भी लाव-लश्कर के साथ मेले की परंपरा में शामिल रहे। संवाद
विज्ञापन
मेले में देव परंपराओं का देव विधि-विधान से निर्वहन किया गया। हल्लाण-एक गांव स्थित मंदिर में पूरा दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आराध्य देवता वासुकी नाग और माता कोटली के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। कारदार अंकित नेगी ने कहा कि देवता वासुकी नाग का करड़ू (पालकी) साल में तीन बार ही निकलती है। करड़ू को जन्माष्टमी, फागली और सायर संक्रांति के दिन ही निकाला जाता है। इस बार भी परंपरा का निर्वहन देव नियमों और विधि-विधान से किया जा रहा है। मेले में देवता वासुकी नाग के अलावा सोयल क्षेत्र की माता कोटली और प्रीणी के देवता फाहे नाग भी लाव-लश्कर के साथ मेले की परंपरा में शामिल रहे। संवाद
विज्ञापन