{"_id":"6aa8361e53e9a1385d0e32fe","slug":"devbhoomi-kullu-resounded-with-chants-of-ganpati-bappa-morya-kullu-news-c-89-1-ssml1013-186676-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजी देवभूमि कुल्लू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजी देवभूमि कुल्लू
विज्ञापन
कुल्लू में गणपति उत्सव शुरू होने पर ढालपुर में मुर्ति को ले जाते समय ढोल की थाप पर गुलाल उठाते
कुल्लू। गणेश चतुर्थी पर्व पर देवभूमि कुल्लू भी सोमवार को गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंज उठी। जिले में लोगों ने विधि-विधान के साथ अपने घरों में भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की हैं। गणपति स्थापना के साथ ही घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया है। श्रद्धालु अगले 11 दिनों तक सुबह-शाम भगवान गणेश की पूजा करेंगे। 25 सितंबर को श्रद्धालु गणपति बप्पा की मूर्तियों का विधिवत विसर्जन करेंगे।
मुंबई और महाराष्ट्र की तर्ज पर अब कुल्लू में भी गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जिले में कई स्थानों पर घरों और मंदिरों में गणपति की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। श्रद्धालु पांच, सात और 11 दिनों तक गणपति की पूजा-अर्चना करने के बाद विसर्जन करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश प्रथम पूजनीय हैं और किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है।
स्थानीय श्रद्धालु मनीषा भारती ने बताया कि वह गणेश चतुर्थी पर अपने घर में गणपति बप्पा की स्थापना करती हैं। 2021 से हर वर्ष गणपति की स्थापना कर सुबह-शाम विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। रामशिला स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी हरिगिरी महाराज ने बताया कि गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस वर्ष उत्सव विशेष रूप से मनाया जा रहा है। गणपति महाराज मंदिर में आगामी दिनों तक विराजमान रहेंगे। रोजाना सुबह और शाम पूजा-अर्चना होगी। 11 दिन बाद विधि-विधान के साथ गणपति महाराज की विदाई की जाएगी। इसके अलावा बंजार और भुंतर में भी गणेश पर्व की धूम रहेगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मुंबई और महाराष्ट्र की तर्ज पर अब कुल्लू में भी गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जिले में कई स्थानों पर घरों और मंदिरों में गणपति की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। श्रद्धालु पांच, सात और 11 दिनों तक गणपति की पूजा-अर्चना करने के बाद विसर्जन करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश प्रथम पूजनीय हैं और किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है।
विज्ञापन
स्थानीय श्रद्धालु मनीषा भारती ने बताया कि वह गणेश चतुर्थी पर अपने घर में गणपति बप्पा की स्थापना करती हैं। 2021 से हर वर्ष गणपति की स्थापना कर सुबह-शाम विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। रामशिला स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी हरिगिरी महाराज ने बताया कि गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस वर्ष उत्सव विशेष रूप से मनाया जा रहा है। गणपति महाराज मंदिर में आगामी दिनों तक विराजमान रहेंगे। रोजाना सुबह और शाम पूजा-अर्चना होगी। 11 दिन बाद विधि-विधान के साथ गणपति महाराज की विदाई की जाएगी। इसके अलावा बंजार और भुंतर में भी गणेश पर्व की धूम रहेगी। संवाद

कुल्लू में गणपति उत्सव शुरू होने पर ढालपुर में मुर्ति को ले जाते समय ढोल की थाप पर गुलाल उठाते
विज्ञापन