चरस तस्कर को दस साल का कठोर कारावास
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स्पेशल जज वन कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत ने एक चरस तस्कर को दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी तस्कर को एक लाख रुपये हर्जाना लगाया गया है। हर्जाना नहीं भरने की सूरत पर दोषी को एक साल अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। जानकारी के अनुसार तीन फरवरी 2015 को हैड कांस्टेबल हितेश कुमार अन्य पुलिस कर्मियों के साथ जाछणी में नाकाबंदी किए हुए थे। इस दौरान करीब सवा आठ बजे छरोड़ नाला की तरफ से एक व्यक्ति पैदल आया। जो अपने साथ पीठू बैग पहने हुए था। पुलिस पार्टी को देखकर उक्त व्यक्ति पीछे की तरफ मुड़ गया और पहने हुए पीठू बैग को को सड़क के नीचे की तरफ झाड़ियों में फेंक दिया।
इसके बाद आरोपी पैदल ही तेज भागने लगा। जिस पर पुलिस ने करीब 15 मीटर दूरी पर आरोपी को पूछताछ के लिए रोका और झाड़ियों से बैग लाया। चेकिंग के दौरान बैग के से छह पालीथिन पैक मिले। जिसमें काले रंग कुछ सामान मिला। जांच में पाया गया कि टिक्की आकार यह सामान चरस है। तौलने पर यह 645 ग्राम पाई गई। जिस पर पुलिस ने आरोपी अमर चंद पुत्र शुक्रु राम निवासी गांव व डाकघर मलाणा तहसील कुल्लू को गिरफ्तार किया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया। यहां ट्रायल के दौरान अभियोग साबित होने पर स्पेशल जज वन कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी तस्कर को एक लाख रुपये हर्जाना लगाया गया। हर्जाना न भरने की सूरत पर दोषी को एक साल अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। मामले में नौ गवाह पेश किए गए। इधर, उप न्यायवादी पंकज धीमान ने कोर्ट से चरस तस्कर को सजा होने की पुष्टि की है।