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दशहरा में शहर के होटल-ढाबे हुए पैक
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कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के लिए जिला भर से 228 देवी-देवताओं सहित सैकड़ों लोग ढालपुर पहुंचे हैं। मैदान में दुकानें न सजने के चलते होटल, रेस्तरां व ढाबे पैक हो गए हैं। दशहरा में होटलों और ढाबों में बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है। लोगों की भीड़ देखकर कारोबारी खुश हैं। इससे पहले दशहरा उत्सव में खाने-पीने के लिए एक मार्केट सजती थी, जिसमें चाइनिज खाने से लेकर, चिकन, मांस आदि मिलता था।
कुल्लू-भुंतर मुख्य सड़क पर भी खान-पान की दुकानें सजती थी। प्रदर्शनी मैदान में स्थानीय सिड्डू, मोमो आदि की दुकानों में खूब चहल-पहल रहती थी। दशहरा में देवताओं के समक्ष शीश नवाने के लिए हर दिन सैकड़ों लोग ढालपुर मैदान में आ रहे हैं। इसके बाद खाना खाने के लिए लोग होटल, रेस्तरां व ढाबा ढूंढ रहे हैं। ढालपुर में खाने के लिए कुछ न मिलने के चलते सरवरी, लोअर ढालपुर, ढालपुर आदि जगहों में खाने-पीने की दुकानों में खूब चहल-पहल बनी हुई है। होटलों व ढाबों में भारी भीड़ उमड़ रही है। कई ढाबों में तो रात के 12 बजे तक खाने-पीने का सिलसिला चल रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिस तरह से होटल, ढाबे पैक चल रहे हैं, उससे कोरोना में हुए नुकसान की भरपाई अब हो जाएगी। हालांकि दशहरा उत्सव के आखिरी दो दिनों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। बाजार में खरीदारी करने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में दीपावली तक बाजार में चहल-पहल रहेगी। उधर, ढाबा संचालक छबील, रमेश ने कहा कि दशहरा के शुरूआती दो दिनों में ही खूब कारोबार चमका है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बीच उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा था। लेकिन अब उन्हें राहत की उम्मीद जगी है।
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कुल्लू-भुंतर मुख्य सड़क पर भी खान-पान की दुकानें सजती थी। प्रदर्शनी मैदान में स्थानीय सिड्डू, मोमो आदि की दुकानों में खूब चहल-पहल रहती थी। दशहरा में देवताओं के समक्ष शीश नवाने के लिए हर दिन सैकड़ों लोग ढालपुर मैदान में आ रहे हैं। इसके बाद खाना खाने के लिए लोग होटल, रेस्तरां व ढाबा ढूंढ रहे हैं। ढालपुर में खाने के लिए कुछ न मिलने के चलते सरवरी, लोअर ढालपुर, ढालपुर आदि जगहों में खाने-पीने की दुकानों में खूब चहल-पहल बनी हुई है। होटलों व ढाबों में भारी भीड़ उमड़ रही है। कई ढाबों में तो रात के 12 बजे तक खाने-पीने का सिलसिला चल रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिस तरह से होटल, ढाबे पैक चल रहे हैं, उससे कोरोना में हुए नुकसान की भरपाई अब हो जाएगी। हालांकि दशहरा उत्सव के आखिरी दो दिनों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। बाजार में खरीदारी करने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में दीपावली तक बाजार में चहल-पहल रहेगी। उधर, ढाबा संचालक छबील, रमेश ने कहा कि दशहरा के शुरूआती दो दिनों में ही खूब कारोबार चमका है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बीच उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा था। लेकिन अब उन्हें राहत की उम्मीद जगी है।
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