फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Cess worth crores, yet animals remain abandoned: Hiteshwar

करोड़ाें का सेस, फिर भी पशु लावारिस : हितेश्वर

Fri, 25 Oct 2024 04:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2024 04:13 PM IST
विज्ञापन
Cess worth crores, yet animals remain abandoned: Hiteshwar
जिले में भी बढ़ रही लावारिस मवेशियों की संख्या
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इन्हें कौन छोड़ रहा है, किसी को कोई पता नहीं है। शुक्रवार को कुल्लू में पूर्व जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि लावारिस पशुओं के कारण सड़कों में हादसे हो रहे हैं। इसमें पशुओं के साथ लोगों की भी मौत हो रही है। साथ ही लावारिस पशु फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
2010 और 11 में पशुपालन विभाग की मदद से पशुओं की टैगिंग की गई, बावजूद कुछ नहीं हो रहा है। गोसदन बनाने की बात कही गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। जिले में करीब 500 लावारिस पशु घूम रहे हैं। प्रदेश सरकार पशुओं के संरक्षण के लिए शराब पर सेस वसूल रही है। इससे करोड़ों रुपये एकत्रित हो रहे हैं, फिर भी पशुओं का संरक्षण नहीं हो रहा है। कहा कि जिले में एक ऐसी जगह देखनी चाहिए जहां बड़ा गोसदन बनाया जाए और वेटरनरी विभाग की सुविधा हो।
विज्ञापन

इसके लिए सामाजिक संगठनों, जिला प्रशासन और सरकार को मिलकर काम करना चाहिए। वहीं, रोट पंचायत के प्रधान राजेंद्र पाल ने कहा कि पंचायत के पास गोसदन के लिए धन की कमी रहती है। गोसदन खोलना और चलाना आसान नहीं है। बजौरा पंचायत के पूर्व प्रधान गोपी चंद शर्मा ने कहा कि लावारिस पशु के लिए 700 रुपये की राशि कम है। लावारिस पशुओं के लिए सरकार और प्रशासन को गंभीर होने की जरूरत है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed