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बर्फ में फिसली बस, बाल-बाल बचे यात्री

Wed, 04 Nov 2015 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, केलांग
ब्यूरो/अमर उजाला, केलांग Updated Wed, 04 Nov 2015 10:38 PM IST
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bus skid in snow

बर्फबारी के बीच रोहतांग दर्रे में एचआरटीसी की कुल्लू-दारचा रूट की बस स्किड होकर सड़क से नीच उतर गई। हालांकि, चालक की सूझबूझ से बस में सफर कर रहे दर्जनों यात्रियों की जान बचा ली गई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बुधवार को कुल्लू से दारचा की ओर रवाना हुई निगम की बस रोहतांग दर्रे से दो मोड़ नीचे लाहौल की तरफ बर्फ में स्किड होने के कारण सड़क से नीचे उतर गई।

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 लगातार हो रही बर्फबारी के कारण बस को आगे ले जाना संभव नहीं था। लिहाजा, यात्रियों ने रोहतांग से कोकसर की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया। यात्रियों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। हैरानी की बात यह है कि जब इस संदर्भ में आरएम केलांग से संपर्क किया गया तो उन्हें इस घटना की जानकारी ही नहीं थी। जबकि, प्रशासन की ओर से भी रोहतांग में बर्फ के बीच फंसे यात्रियों को निकालने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
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लोग बर्फबारी के बीच कड़ी मशक्कत के बाद करीब पंद्रह किलोमीटर पैदल चलकर कोकसर पहुंचे। कोकसर पहुंचने के बाद लोगों की जान में जान आई। यात्री प्रेम सिंह, छिमेद, नमज्ञल आदि ने बताया कि इस बीच महिलाओं तथा बच्चों की हालात सबसे ज्यादा नाजुक बनी हुई थी। प्रेम सिंह ने बताया कि दशहरा के बाद लोग अपने घरों को निकले थे, लिहाजा भारी भरकम सामान को पीठ पर उठाकर उन्हें रोहतांग से कोकसर तक पैदल चलना पड़ा। इधर, विधायक एवं नेशनल एसटी कमीशन के उपाध्यक्ष रवि ठाकुर ने प्रशासन को घटना की सूचना दी। उन्होंने बर्फ में फंसे यात्रियों को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के आदेश जारी किए।
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कौन होता हादसे के लिए जिम्मेदार
निगम प्रबंधन की लेटलतीफी बुधवार को दर्जनों यात्रियों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। गनीमत यह रही है कि चालक की सूझबूझ के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। दरअसल, केलांग डिपो की यह बस कुल्लू से अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा देरी से लाहौल की ओर निकली। यात्रियों का कहना है कि अगर समय पर केलांग डिपो ने बस को रवाना किया होता तो यह हादसा नहीं होता। इस रूट की बस का समय सुबह सात बजे है, लेकिन यह बस आठ बजे कुल्लू से चली। जिप सदस्य हायरपा ने कहा कि केलांग डिपो की हालत बिगड़ गई है। यात्रियों के परिजनों ने सवाल किया है कि अगर हादसा हो जाता तो इसके लिए जिम्मेदारी कौन होता? उधर, केलांग डिपो के आरएम राशिद शेख का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है।

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