सूखे से खेतों में ही सूखने लगी फसलें
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जिला के किसान इन दिनों सूखे से परेशान हैं। वहीं डोभा-शमशी कूहल पिछले कई माह से बंद पड़ी है। कूहल डोभा से लेकर गदौरी तक क्षतिग्रस्त है। सबसे अधिक क्षतिग्रस्त कूहल नेचर पार्क के पास है। जहां पर करीब 20 फुट से अधिक दायरे में कूहल टूटी हुई है। जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। सूखे के चलते किसानों के लिए कूहलें वरदान साबित हो सकती हैं लेकिन विभागीय लापरवाही से कूहलों में पानी ही उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीण मोहर सिंह, डोला राम, दलीप सिंह, अजय कुमार, पप्पी, चुन्नी लाल, वीर सिंह और किशन सिंह आदि ने कहा कि डोभा कूहल से क्षेत्र के करीब 500 किसान सीधे तौर पर जुड़े हैं। किसान कूहल के पानी का उपयोग अपने खेतों में सिंचाई के लिए करते हैं, लेकिन पिछले काफी समय से यह कूहल बंद पड़ी हुई है। जिसको लेकर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस बार सूखे के कारण किसानों की फसलें खेतों में सूखने लगी हैं। ऐसे में कूहल में पानी न आने से किसान अपनी फसलों को नहीं बचा पा रहा है। विभाग को भी इस संबंध में कई बार सूचित किया गया, लेकिन कूहल को अब तक सुचारू नहीं किया जा सका। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा है कि डोभा शमशी कूहल की मरम्मत कर किसानों को पानी उपलब्ध करवाया जाए। अन्यथा किसानों को विभाग के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। वहीं आईपीएच विभाग के एसडीओ अशोक कुमार भूपल ने कहा कि कूहल की रिपेयर के लिए एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। फंड मिलते ही कूहल को ठीक कर दिया जाएगा।