चार माह से सूखा, कैसे खरीदें बीज
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कृषि-बागवानी के लिए मशहूर जिला कुल्लू में बारिश नहीं होने के कारण कृषि और बागवानी संबंधी कार्य ठप पड़ गए हैं। इसका प्रभाव किसान-बागवानों के साथ कृषि विभाग के प्रसार केंद्रों पर भी पड़ रहा है। बारिश नहीं होने से खेतों में नमी नहीं है। ऐसे में बुआई का कार्य रुका पड़ा है। वहीं कृषि प्रसार केंद्रों से 65 फीसदी तक गेहूं, जौ और मटर का बीज की खरीद नहीं हो सकी है। दवा और बीज विक्रेताओं के कारोबार को भी झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक अभी जिला कुल्लू में अभी तक कम किसानों ने ही बीज, खाद और दवा की खरीद-फरोख्त की है। वहीं 65 फीसदी बिक्री कम हो गई है।
जिला के कृषि प्रसार केंद्रों में गेहूं, जौ और मटर का बीज काफी पहले पहुंच चुका है, लेकिन सूखे के चलते किसान बीज की खरीद नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में घाटी के किसान राम चंद, दुनी चंद, चमन कुमार, अशोक कुमार, राजेंद्र, देवराज, मोहर सिंह, राजीव कुमार, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, कर्म चंद, गोपाल तथा सेस राम आदि ने कहा कि कृषि और बागवानी के तमाम कार्य रुके हुए हैं। कोई भी कार्य किसान नहीं कर पा रहा है। ऐसे में गेहूं, मटर और लहसुन का उत्पादन घटने के आसार है। जिससे किसान-बागवान बेहद चिंतित हैं।
वहीं इस संबंध में कृषि उपनिदेशक राजेंद्र वर्मा के अनुसार जिला के तमाम कृषि प्रसार केंद्रों में बीज उपलब्ध है। मगर बारिश नहीं होने के कारण किसान इसकी खरीद नहीं कर रहे हैं। ऐसे में प्रसार केंद्रों में आशा के अनुरूप सेल नहीं हो रही है। जल्द बारिश नहीं हुई तो इस का असर उत्पाद के उत्पादन पर निश्चित ही पड़ सकता है। सूखे से जिला में अभी रबी की बिजाई नहीं हुई है। दिसंबर माह शुरू हो गया और जौ, गेंहू तथा मटर की बिजाई का समय भी निकलता जा रहा है। जिला कुल्लू में करीब 22 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में रबी फसल की बिजाई की होती है। बारिश के लिए किसान-बागवान अपने देवी-देवताओं के पास भी गुहार चुके हैं।