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Kullu News: ऑटो यूनियन ने किया ई-रिक्शा परमिट का विरोध
Mon, 08 Dec 2025 05:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 08 Dec 2025 05:23 AM IST
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कहा-पहाड़ी क्षेत्र में कामयाब नहीं, ट्रायल रहा है असफल
कुल्लू शहर में पहले से ही चल रहे हैं 300 ऑटो रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश सरकार ने ई-रिक्शा के लिए परमिट देने की अधिसूचना जारी कर दी है, जो न्याय संगत नहीं है। यह बात ऑटो रिक्शा यूनियन कुल्लू के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार ने कही। जिला मुख्यालय कुल्लू में रविवार को ऑटो रिक्शा संचालकों ने ई-रिक्शा परमिट जारी करने का विरोध जताया है। संचालकों का कहना है कि सरकार ने चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं किए हैं और बिना चार्जिंग स्टेशन ई-रिक्शा कैसे चलाए जाएं।
इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र में ई-रिक्शा कामयाब नहीं है। इसके लिए ट्रायल भी किए गए हैं, लेकिन असफल रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष राज कुमार ने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग ने अधिसूचना तो जारी कर दी है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। अगर ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट ही न हों तो कैसे उनका इस पहाड़ी क्षेत्र में संचालन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर अपना फैसला नहीं बदला, तो मजबूर ऑटो-रिक्शा संचालकों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। कहा कि ऑटो-रिक्शा चालकों पर जबरदस्ती फैसला थोपना गलत है और इसका पुरजोर विरोध जारी रहेगा।
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कुल्लू शहर में पहले से ही चल रहे हैं 300 ऑटो रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश सरकार ने ई-रिक्शा के लिए परमिट देने की अधिसूचना जारी कर दी है, जो न्याय संगत नहीं है। यह बात ऑटो रिक्शा यूनियन कुल्लू के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार ने कही। जिला मुख्यालय कुल्लू में रविवार को ऑटो रिक्शा संचालकों ने ई-रिक्शा परमिट जारी करने का विरोध जताया है। संचालकों का कहना है कि सरकार ने चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं किए हैं और बिना चार्जिंग स्टेशन ई-रिक्शा कैसे चलाए जाएं।
इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र में ई-रिक्शा कामयाब नहीं है। इसके लिए ट्रायल भी किए गए हैं, लेकिन असफल रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष राज कुमार ने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग ने अधिसूचना तो जारी कर दी है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। अगर ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट ही न हों तो कैसे उनका इस पहाड़ी क्षेत्र में संचालन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर अपना फैसला नहीं बदला, तो मजबूर ऑटो-रिक्शा संचालकों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। कहा कि ऑटो-रिक्शा चालकों पर जबरदस्ती फैसला थोपना गलत है और इसका पुरजोर विरोध जारी रहेगा।
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