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Kullu News: दो माह के लिए थमीं साहसिक गतिविधियां
Thu, 16 Jul 2026 10:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:53 AM IST
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15 जुलाई से 15 सितंबर तक जिला कुल्लू में बरसात के चलते बंद रहेगी साहसिक पर्यटन गतिविधियां।-संव
कुल्लू। मानसून के मद्देनजर जिले में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, जिपलाइन, रिवर क्रॉसिंग सहित सभी साहसिक पर्यटन गतिविधियां बंद रहेंगी। जिला पर्यटन विकास विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार बरसात के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव, भूस्खलन और खराब मौसम के कारण हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आदेशों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने सभी ऑपरेटरों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दो माह तक सैलानी ब्यास नदी और आसमान में अठखेलियां नहीं कर सकेंगे। विभागीय अधिकारी भी समय-समय पर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर आदेशों के पालन की निगरानी करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि कुल्लू साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मनाली के सोलंगनाला, फातरू, मढ़ी, गुलाबा, पलचान नहेरूकूंड, रायसन, डोभी, कुल्लू, गड़सा, बबेली, पिरड़ी, भुंतर और ब्यास नदी में हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, जिपलाइन और अन्य एडवेंचर गतिविधियों के लिए आते हैं।
घाटी के पर्यटन कारोबार में साहसिक पर्यटन की अहम भूमिका है। जिले में ब्यास नदी में 500 राॅफ्ट और खुले आसमान में 600 पैराग्लाइडर उड़ान भरते हैं। इसमें करीब 10,000 लोगों को कारोबार जुड़ा है।
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विभाग के अनुसार बरसात के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव, भूस्खलन और खराब मौसम के कारण हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आदेशों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने सभी ऑपरेटरों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दो माह तक सैलानी ब्यास नदी और आसमान में अठखेलियां नहीं कर सकेंगे। विभागीय अधिकारी भी समय-समय पर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर आदेशों के पालन की निगरानी करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि कुल्लू साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मनाली के सोलंगनाला, फातरू, मढ़ी, गुलाबा, पलचान नहेरूकूंड, रायसन, डोभी, कुल्लू, गड़सा, बबेली, पिरड़ी, भुंतर और ब्यास नदी में हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, जिपलाइन और अन्य एडवेंचर गतिविधियों के लिए आते हैं।
घाटी के पर्यटन कारोबार में साहसिक पर्यटन की अहम भूमिका है। जिले में ब्यास नदी में 500 राॅफ्ट और खुले आसमान में 600 पैराग्लाइडर उड़ान भरते हैं। इसमें करीब 10,000 लोगों को कारोबार जुड़ा है।