कुल्लू में खाद के लिए मची हायतौबा

Kullu Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
काईस (कुल्लू)। सेब और अन्य फसलों पर मौसम का कहर बरपने के बाद अब सरकारी उदासीनता भारी पड़ गई है। इन दिनों सेब और अन्य फसलों के लिए खाद अति आवश्यक है। लेकिन हिमफेड के तमाम स्टोर खाली पडे़ हैं। इस वजह से किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मानें तो इन दिनों खाद फसलों के लिए जरूरी है।
विज्ञापन

कुल्लू में पिछले दो महीने से खाद की सप्लाई नहीं आई। बारिश के बाद फसलों पर खाद डालने का यह सबसे उचित समय है। लेकिन खाद न मिलने से फसलों पर संकट पैदा हो गया है। कुल्लू में लगभग 130 टन खाद की जरूरत है। किसानों और बागवानों का कहना है कि वह हर रोज हिमफेड के स्टोरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन एक ही जवाब मिल रहा है कि अभी खाद नहीं पहुंची। मटर और सेब समेत अन्य सभी फसलों के लिए इन दिनों खाद डालना जरूरी है। जिला में 5 हजार हेक्टेयर पर मटर और 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सेब की पैदा होती है।
खराहल घाटी के बागवान तोमर चंद, सुनील, अनिश कुमार, अमित, रोहित, देवी सिंह और रूम सिंह ने कहा कि जब भी फसलों को खाद की जरूरत होती है, खाद नहीं मिलती। समय पर खाद नहीं मिली तो फसलों को भारी नुकसान होगा। फल उत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि लंबे अरसे से घाटी में में खाद नहीं मिल रही। इस कारण बागवान और किसान दिक्कत में हैं। यदि जल्द खाद नहीं मिली तो किसान-बागवान सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कुल्लू के लिए 130 टन खाद की जरूरत है। कुल्लू में 30, रायसन में 50, भुंतर में 30, बंजार में 20 टन खाद की डिमांड भेजी गई है। दो महीने से खाद नहीं पहुंची। जल्द ही सप्लाई आने की उम्मीद है।
.....रंजीत, जिला प्रबंधक हिमफेड

सेब की सेटिंग के लिए एक महीने के भीतर खाद डालना जरूरी है। इससे सेब की गुणवत्ता बनी रहती है। यदि खाद न मिले तो बाद में यूरिया की स्प्रे भी की जा सकती है।
...डा. जेपी शर्मा, बागवानी वैज्ञानिक सेऊबाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us