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बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों में ढो रहे कूड़ा
Updated Wed, 19 Sep 2018 06:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मौहल (कुल्लू)। पिरड़ी में ब्यास नदी के किनारे डंपिंग साइट को लेकर चल रहा विवाद थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। नगर परिषद उपाध्यक्ष की ओर से मामले में अपनी बात रखने के बाद अब वन अधिकार समिति ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
समाजसेवी अरुण शर्मा ने कहा कि शहर का कूड़ा जिन वाहनों में लाया जा रहा है वे बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहन हैं। चालकों के पास लाइसेंस भी नहीं है। पिरड़ी में लगाई गई धारा 144 को वापस लिया जाए। लोग कानून तोड़ना नहीं चाहते हैं। समिति के बैनर तले स्थानीय लोग पांचवें दिन भी मौके पर डटे रहे। ग्रामीणों ने डंपिंग साइट जाने वाली सड़क को बंद रखा। अरुण शर्मा ने कहा कि नगर परिषद अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए कुल्लू शहर के लोगों को बरगला रही है। असल में नगर परिषद ही हर जगह से कूड़ा लाकर ही शहर को गंदा कर रही है। अगर नगर परिषद लोगों की समस्याएं दूर नहीं कर सकती तो इसे भंग कर देना चाहिए। एनजीटी के आदेश के बाद से ग्रामीणों ने नगर परिषद को दो साइटें बताईं। लेकिन नगर परिषद ने इस पर गौर नहीं किया। इसके पीछे मंशा साफ है कि नगर परिषद काम नहीं करना चाहती। कहा कि कमेटी ने कूड़े के नाम पर पैसे इकट्ठे करने के लिए सेल्समैन रखे हैं। कूड़ा डंप करने के नाम पर मोटी कमाई की जा रही है। वन अधिकार समिति के प्रधान जोगिंद्र ने कहा कि मौहल क्षेत्र में आठ स्कूल, चार एजूकेशन एकेडमी में करीब 4000 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण रहे हैं। कूड़े की बदबू से विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एनजीटी के आदेश के बावजूद कूड़ा पिरड़ी में ही डंप किया जा रहा। नगर परिषद कुल्लू व नगर पंचायत भुंतर के छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।
विधायक भी पहुंचे मौके पर, नहीं बनी बात
मामले को लेकर बढ़ रहे विवाद के चलते बुधवार को कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। सुंदर सिंह ठाकुर ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर मसले का हल निकालने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण डंपिंग में कूड़ा न डालने की मांग पर अड़े रहे। विधायक मामले को शांत नहीं करवा पाए। इसके बाद विधायक मौके से चले गए।
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मौहल (कुल्लू)। पिरड़ी में ब्यास नदी के किनारे डंपिंग साइट को लेकर चल रहा विवाद थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। नगर परिषद उपाध्यक्ष की ओर से मामले में अपनी बात रखने के बाद अब वन अधिकार समिति ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
समाजसेवी अरुण शर्मा ने कहा कि शहर का कूड़ा जिन वाहनों में लाया जा रहा है वे बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहन हैं। चालकों के पास लाइसेंस भी नहीं है। पिरड़ी में लगाई गई धारा 144 को वापस लिया जाए। लोग कानून तोड़ना नहीं चाहते हैं। समिति के बैनर तले स्थानीय लोग पांचवें दिन भी मौके पर डटे रहे। ग्रामीणों ने डंपिंग साइट जाने वाली सड़क को बंद रखा। अरुण शर्मा ने कहा कि नगर परिषद अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए कुल्लू शहर के लोगों को बरगला रही है। असल में नगर परिषद ही हर जगह से कूड़ा लाकर ही शहर को गंदा कर रही है। अगर नगर परिषद लोगों की समस्याएं दूर नहीं कर सकती तो इसे भंग कर देना चाहिए। एनजीटी के आदेश के बाद से ग्रामीणों ने नगर परिषद को दो साइटें बताईं। लेकिन नगर परिषद ने इस पर गौर नहीं किया। इसके पीछे मंशा साफ है कि नगर परिषद काम नहीं करना चाहती। कहा कि कमेटी ने कूड़े के नाम पर पैसे इकट्ठे करने के लिए सेल्समैन रखे हैं। कूड़ा डंप करने के नाम पर मोटी कमाई की जा रही है। वन अधिकार समिति के प्रधान जोगिंद्र ने कहा कि मौहल क्षेत्र में आठ स्कूल, चार एजूकेशन एकेडमी में करीब 4000 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण रहे हैं। कूड़े की बदबू से विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एनजीटी के आदेश के बावजूद कूड़ा पिरड़ी में ही डंप किया जा रहा। नगर परिषद कुल्लू व नगर पंचायत भुंतर के छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।
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विधायक भी पहुंचे मौके पर, नहीं बनी बात
मामले को लेकर बढ़ रहे विवाद के चलते बुधवार को कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। सुंदर सिंह ठाकुर ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर मसले का हल निकालने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण डंपिंग में कूड़ा न डालने की मांग पर अड़े रहे। विधायक मामले को शांत नहीं करवा पाए। इसके बाद विधायक मौके से चले गए।
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