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भूस्खलन से दो घंटे बंद रही वामतट सड़क
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग पर शनिवार को छरूडू में एक बार फिर पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। हालांकि भूस्खलन की चपेट में कोई नहीं आया। लेकिन भूस्खलन के कारण कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग घंटों बंद रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी।
पर्यटकों सहित आम जनता को दिक्कतों को सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क को यातायात के लिए बहाल किया। इसके बाद ही यहां से वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी। लेकिन दलदल में गाड़ियों को आवाजाही करने में काफी दिक्क्त हुई।
गौर रहे कि सितंबर 2018 में आई बाढ़ के बाद ब्यास नदी ने करीब 300 मीटर तक सड़क का नामोनिशान ही मिटा दिया था। पहाड़ी की कटिंग कर सड़क निकाली गई। लेकिन इसके बाद यहां पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या का जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है। हालांकि समस्या को कई लोग प्रशासन के समक्ष भी रख चुके हैं। लेकिन पहाड़ी से हो रहे लगातार भूस्खलन के आगे लोक निर्माण विभाग ने भी घुटने टेक दिए हैं। बताया जा रहा है कि विभाग अब ब्यास नदी पर वैकल्पिक पुल बनाने की तैयारी में है। सेउबाग निवासी भूपेंद्र ने कहा कि भूस्खलन होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी यहां भूस्खलन हुआ था। ऐसे में यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
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कुल्लू। कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग पर शनिवार को छरूडू में एक बार फिर पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। हालांकि भूस्खलन की चपेट में कोई नहीं आया। लेकिन भूस्खलन के कारण कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग घंटों बंद रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी।
पर्यटकों सहित आम जनता को दिक्कतों को सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क को यातायात के लिए बहाल किया। इसके बाद ही यहां से वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी। लेकिन दलदल में गाड़ियों को आवाजाही करने में काफी दिक्क्त हुई।
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गौर रहे कि सितंबर 2018 में आई बाढ़ के बाद ब्यास नदी ने करीब 300 मीटर तक सड़क का नामोनिशान ही मिटा दिया था। पहाड़ी की कटिंग कर सड़क निकाली गई। लेकिन इसके बाद यहां पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या का जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है। हालांकि समस्या को कई लोग प्रशासन के समक्ष भी रख चुके हैं। लेकिन पहाड़ी से हो रहे लगातार भूस्खलन के आगे लोक निर्माण विभाग ने भी घुटने टेक दिए हैं। बताया जा रहा है कि विभाग अब ब्यास नदी पर वैकल्पिक पुल बनाने की तैयारी में है। सेउबाग निवासी भूपेंद्र ने कहा कि भूस्खलन होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी यहां भूस्खलन हुआ था। ऐसे में यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
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