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सामूहिक नाटी डाल महिलाओं ने दिखाई कुल्लू घाटी की संस्कृति
Updated Fri, 05 Jan 2018 06:29 PM IST
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सामूहिक नाटी डाल महिलाओं
ने दिखाई घाटी की संस्कृति
लोक संस्कृति के संरक्षण को लेकर थिरकीं सैकड़ों महिलाएं
हौरन नृत्य ने खूब बांधा समां, वाम तट की महिलाओं ने दिखाया हुनर
अमर उजालाब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। राष्ट्र स्तरीय शरदोत्सव के चौथे दिन मनाली माल रोड पर वाम तट की पारंपरिक परिधानों में सजी सैकड़ों महिलाओं ने कुल्लवी नाटी डाली। सामूहिक नाटी डालकर महिलाओं ने कुल्लू घाटी की संस्कृति से रूबरू करवाया। महिलाओं ने लोक संस्कृति को संरक्षित करने के साथ बेटियां बचाने का संदेश देते हुए प्रतिस्पर्धा में दाएं तट की महिलाओं को टक्कर दी।
मनाली माल रोड पर शुक्रवार को ब्यास नदी के वाम तट मार्ग पर बसे करीब 42 महिला मंडलों की 400 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिवेश में सजधज कर सामूहिक नाटी डाली। प्राचीन कुल्लवी थिपू, चंद्रहार, चांपकली, त्रमणियां, चांदी कीचूड़ियां, बाजू बंद, बूमणी, पायल और पट्टू से सजी महिलाओं ने सामूहिक नाटी डाली। करीब एक घंटे तक चली सामूहिक नाटी से पहले हौरन नृत्य हुआ। जिसमें चार महिला मंडलों ने भाग लिया। शरदोत्सव के दूसरे दिन दाएं तट की महिलाएं नाटी डाल चुकी हैं। दोनों तटों की महिलाओं की सामूहिक नाटी को जजों ने परखा। इस दौरान एसडीएम मनाली एचआर बेरवा, नगर परिषद अध्यक्ष शबनम तनवर, जज डॉ सूरत ठाकुर और अन्य मौजूद रहे।
विजेता दल को मिलेगा एक लाख रुपये इनाम
मनाली विंटर कार्निवाल कमेटी मनाली के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम मनाली हेमराज बेरवा ने बताया कि दोनों तटों में से किसी एक टीम को बेहतरीन नाटी प्रस्तुत करने पर विजेता घोषित किया। जिन्हें एक लाख का इनाम दिया जाएगा।
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प्राचीन हौरन नृत्य ने खूब जमाया रंग
मनाली मालरोड पर प्राचीन हौरन नृत्य ने खूब वाहवाही लूटी। चार महिला मंडलों ने माल रोड पर चार जगह एक साथ हौरन नृत्य पेश किया। इस नृत्य के लिए महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहन रखी थी। जिसे देख सैलानी रोमांचित हो उठे।
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ने दिखाई घाटी की संस्कृति
लोक संस्कृति के संरक्षण को लेकर थिरकीं सैकड़ों महिलाएं
हौरन नृत्य ने खूब बांधा समां, वाम तट की महिलाओं ने दिखाया हुनर
अमर उजालाब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। राष्ट्र स्तरीय शरदोत्सव के चौथे दिन मनाली माल रोड पर वाम तट की पारंपरिक परिधानों में सजी सैकड़ों महिलाओं ने कुल्लवी नाटी डाली। सामूहिक नाटी डालकर महिलाओं ने कुल्लू घाटी की संस्कृति से रूबरू करवाया। महिलाओं ने लोक संस्कृति को संरक्षित करने के साथ बेटियां बचाने का संदेश देते हुए प्रतिस्पर्धा में दाएं तट की महिलाओं को टक्कर दी।
मनाली माल रोड पर शुक्रवार को ब्यास नदी के वाम तट मार्ग पर बसे करीब 42 महिला मंडलों की 400 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिवेश में सजधज कर सामूहिक नाटी डाली। प्राचीन कुल्लवी थिपू, चंद्रहार, चांपकली, त्रमणियां, चांदी कीचूड़ियां, बाजू बंद, बूमणी, पायल और पट्टू से सजी महिलाओं ने सामूहिक नाटी डाली। करीब एक घंटे तक चली सामूहिक नाटी से पहले हौरन नृत्य हुआ। जिसमें चार महिला मंडलों ने भाग लिया। शरदोत्सव के दूसरे दिन दाएं तट की महिलाएं नाटी डाल चुकी हैं। दोनों तटों की महिलाओं की सामूहिक नाटी को जजों ने परखा। इस दौरान एसडीएम मनाली एचआर बेरवा, नगर परिषद अध्यक्ष शबनम तनवर, जज डॉ सूरत ठाकुर और अन्य मौजूद रहे।
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विजेता दल को मिलेगा एक लाख रुपये इनाम
मनाली विंटर कार्निवाल कमेटी मनाली के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम मनाली हेमराज बेरवा ने बताया कि दोनों तटों में से किसी एक टीम को बेहतरीन नाटी प्रस्तुत करने पर विजेता घोषित किया। जिन्हें एक लाख का इनाम दिया जाएगा।
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प्राचीन हौरन नृत्य ने खूब जमाया रंग
मनाली मालरोड पर प्राचीन हौरन नृत्य ने खूब वाहवाही लूटी। चार महिला मंडलों ने माल रोड पर चार जगह एक साथ हौरन नृत्य पेश किया। इस नृत्य के लिए महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहन रखी थी। जिसे देख सैलानी रोमांचित हो उठे।