तीन साल के लिए मिलेगा पैराग्लाइडरों को लाइसेंस
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पैराग्लाइडिंग के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हिमाचल की विभिन्न साइटों में पैराग्लाइडिंग करवाने वाले पैराग्लाइडरों के लिए राहत भरी खबर हैै। सूबे के पैराग्लाइडरों को अब तीन साल के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। अब लाइसेंस रिन्यूल संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पैराग्लाइडरों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पूर्व में एक वर्ष के लिए ही लाइसेंस जारी किए जाते थे। प्रदेश सरकार के नियमों में फेरबदल से पैराग्लाइडरों को राहत मिली है। पैराग्लाइडरों को वार्षिक निरीक्षण के दौरान तकनीकी कमेटी के समक्ष रिन्यूल संबंधी सभी प्रकार की औपचारिकताएं हर वर्ष पूरी करनी होती थी, लेकिन अब पैराग्लाइडरों को तीन वर्ष के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। एयरो स्पोर्ट्स नियम 2004 में प्रदेश सरकार ने संशोधन कर दिया है। जिसके तहत लाइसेंस की अवधि को एक वर्ष से तीन वर्ष किया गया है।
नियमों में संशोधन से पैराग्लाडरों को राहत मिलेगी। हालांकि वार्षिक निरीक्षण में सुरक्षा संबंधी जांच की जाएगी, लेकिन लाइसेंस रिन्यूल तीन साल के बाद ही होगा। यदि वार्षिक निरीक्षण में सुरक्षा संबंधी उपकरणों में खामियां पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी। सुधार न करने की सूरत पर लाइसेंस तक रद्द किया जा सकेगा। इधर, मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गंगा राम ने बताया कि इस निर्णय से राहत मिलेगी। तीन साल के लिए लाइसेंस मिलने पर बार-बार चक्कर नहीं काटने होंगे। पैराग्लाइडिंग के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हिमाचल में बीड़-बिलिंग, सोलंगनाला, मढ़ी समेत अन्य जगहों में पैराग्लाइडिंग होती है। साहसिक गतिविधियों के लिए पर्यटकों में खूब उत्साह रहता है। देश-विदेश से पहुंच रहे पर्यटक पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठाते हैं।