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बारिश के बाद शुद्घ पेयजल मुहैया करवाने में आइपीएच के हाथ खड़े
Updated Wed, 19 Jul 2017 10:06 PM IST
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कुल्लू। शहर में दो दिनों से सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग मटमैले पानी की सप्लाई कर रहा है। जिससे शहर में जलजनित रोग फैलने का खतरा पैदा हो गया है। बारिश के बाद शहरवासियों को साफ पेयजल मुहैया करवाने को लेकर आईपीएच विभाग के हाथ खड़े हो गए हैं। आनन-फानन में विभाग को दो दिनों तक शहर के लिए पेयजल सप्लाई बंद रखनी पड़ी। दो दिन तक स्टोर पानी को ही सप्लाई किया गया। आईपीएच अधिकारियों का तर्क है कि नाले का जलस्तर बढ़ने से यह दिक्कत पेश आई है।
शहर को जोड़ने वाली कुल्लू-खलाड़ानाला पेयजल स्कीम के मुख्य स्रोत में बारिश का मटमैला पानी सप्लाई होने से हरकत में आए आईपीएच विभाग ने आनन-फानन में पानी की सप्लाई दो दिनों तक बंद रखी। बावजूद शहर में बने करीब एक दर्जन स्टोर टैंकों में शहरवासियों को मटमैला सप्लाई होता रहा। बारिश के बाद आईपीएच महकमा करीब 25 हजार आबादी को स्वच्छ पानी मुहैया नहीं करवा पाया। बुधवार सुबह तड़के आईपीएच ने स्कीम के मुख्य स्रोत को साफ करने के बाद क्लोरिन दवा मिला कर पानी की सप्लाई शुरू कर दी। स्थानीय गोपाल चंद, टेक चंद, तेज सिंह, टिकम राम, उगम राम, किशन चंद, नीलम, संगीता, अनु कुमारी, बबली, राहुल, दिनेश, अमर चंद, लाल चंद ठाकुर, उर्मिला, देवी सिंह तथा राजेश ने कहा कि आईपीएच सप्लाई वाले नलों में दो दिनों तक मिट्टीयुक्त पानी की सप्लाई होती रही। बीते सप्ताह कुल्लू जिला की ऊझी घाटी में गंदा पानी सप्लाई होने से करीब दौ सौ लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे, लेकिन अब कुल्लू शहर में मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है। जिससे शहरवासी स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
कम मात्रा में दिया गया पेयजल
कुल्लू शहर को जोड़ने वाली खलाड़ानाला-कुल्लू पेयजल स्कीम की रोज की क्षमता करीब 35 लाख लीटर पानी है। आईपीएच विभाग शहर के लोगों को सुबह और शाम के समय दो-दो घंटे तक पानी की सप्लाई देता है, लेकिन स्कीम में मटमैला पानी आने से दो दिनों तक स्कीम को बंद कर शहरवासियों को टैंकों में कम मात्रा में स्टोरेज पानी की सप्लाई की है।
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दो दिन बंद रखी स्कीम : एसडीओ
शहर के लिए सप्लाई किए जा रहे पानी की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बीते दो दिनों तक बारिश होने से विभाग ने शहर को जोड़ी गई पेयजल स्कीम को दो दिनों तक बंद रखा गया। बुधवार को स्रोत में क्लोरिन डालकर इसे फिर से चालू कर दिया है। - एसआर आजाद, सहायक अभियंता आईपीएच कुल्लू
उबाल कर पीएं पानी : डॉ विक्रम
बरसात के दौरान मटमैला पानी पीने से लोग डायरिया, आंत्रशोथ, पीलिया तथा टाइफाइड की चपेट में आ सकते हैं। लोग इस तरह के पानी सप्लाई होने पर फिल्टर का प्रयोग करें। पानी को हमेशा उबाल कर पीएं। मिट्टीयुक्त पानी को कपड़े से छानकर ही पीने के प्रयोग में लाएं। अगर पानी का भंडारण किया गया हो तो इसमें क्लोरिन डालकर ही इस्तेमाल करें। - डॉ विक्रम कटोच, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कुल्लू
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शहर को जोड़ने वाली कुल्लू-खलाड़ानाला पेयजल स्कीम के मुख्य स्रोत में बारिश का मटमैला पानी सप्लाई होने से हरकत में आए आईपीएच विभाग ने आनन-फानन में पानी की सप्लाई दो दिनों तक बंद रखी। बावजूद शहर में बने करीब एक दर्जन स्टोर टैंकों में शहरवासियों को मटमैला सप्लाई होता रहा। बारिश के बाद आईपीएच महकमा करीब 25 हजार आबादी को स्वच्छ पानी मुहैया नहीं करवा पाया। बुधवार सुबह तड़के आईपीएच ने स्कीम के मुख्य स्रोत को साफ करने के बाद क्लोरिन दवा मिला कर पानी की सप्लाई शुरू कर दी। स्थानीय गोपाल चंद, टेक चंद, तेज सिंह, टिकम राम, उगम राम, किशन चंद, नीलम, संगीता, अनु कुमारी, बबली, राहुल, दिनेश, अमर चंद, लाल चंद ठाकुर, उर्मिला, देवी सिंह तथा राजेश ने कहा कि आईपीएच सप्लाई वाले नलों में दो दिनों तक मिट्टीयुक्त पानी की सप्लाई होती रही। बीते सप्ताह कुल्लू जिला की ऊझी घाटी में गंदा पानी सप्लाई होने से करीब दौ सौ लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे, लेकिन अब कुल्लू शहर में मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है। जिससे शहरवासी स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
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कम मात्रा में दिया गया पेयजल
कुल्लू शहर को जोड़ने वाली खलाड़ानाला-कुल्लू पेयजल स्कीम की रोज की क्षमता करीब 35 लाख लीटर पानी है। आईपीएच विभाग शहर के लोगों को सुबह और शाम के समय दो-दो घंटे तक पानी की सप्लाई देता है, लेकिन स्कीम में मटमैला पानी आने से दो दिनों तक स्कीम को बंद कर शहरवासियों को टैंकों में कम मात्रा में स्टोरेज पानी की सप्लाई की है।
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दो दिन बंद रखी स्कीम : एसडीओ
शहर के लिए सप्लाई किए जा रहे पानी की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बीते दो दिनों तक बारिश होने से विभाग ने शहर को जोड़ी गई पेयजल स्कीम को दो दिनों तक बंद रखा गया। बुधवार को स्रोत में क्लोरिन डालकर इसे फिर से चालू कर दिया है। - एसआर आजाद, सहायक अभियंता आईपीएच कुल्लू
उबाल कर पीएं पानी : डॉ विक्रम
बरसात के दौरान मटमैला पानी पीने से लोग डायरिया, आंत्रशोथ, पीलिया तथा टाइफाइड की चपेट में आ सकते हैं। लोग इस तरह के पानी सप्लाई होने पर फिल्टर का प्रयोग करें। पानी को हमेशा उबाल कर पीएं। मिट्टीयुक्त पानी को कपड़े से छानकर ही पीने के प्रयोग में लाएं। अगर पानी का भंडारण किया गया हो तो इसमें क्लोरिन डालकर ही इस्तेमाल करें। - डॉ विक्रम कटोच, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कुल्लू