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कटराईं में एनएच पर पानी ही पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
पतलीकूहल/कुल्लू। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर फोरलेन निर्माण से कटराईं में पानी की सही निकासी का प्रावधान न होने से एक बड़ी झील बन गई है। इससे वाहनों का यहां से गुजरना दुश्वार हो गया है। खासकर कार और दोपहिया वाहन इसी झील में फंसने लगे हैं। इतना ही नहीं कई वाहनों के चैंबर और टंकियां तक फट चुकी हैं।
झील ने जहां मनाली घूमने आ रहे सैलानियों का मजा किरकिरा कर दिया, वहीं स्थानीय लोगों को भी यहां से आवाजाही करने में मुश्किलें आ रही हैं। फोरलेन में निकासी नालियां न बनाए जाने से यह समस्या पेश आ रही है। खास बात यह है कि सरकार की ओर से इस नए बाईपास को बनाने से लोगों को कटराईं के पुराने मार्ग पर लगने वाले जाम से निजात मिली थी। सड़क खुलने के तीन माह बाद ही सर्दियों की बारिश में सड़क पर बनी झील से इसे बनाने वालों की जल्दबाजी भी सामने आ गई। स्थानीय निवासी, अमित, अजय, राजेश, कमल, सुरेश, नीतिन, सुमन, निलेश, कुर्मदत्त, खीमीराम, टायसन, सोनम, जितेंद, सुरेंद्र और देवेंद्र ने बताया कि कटराईं में झील में फंसने से कई वाहन खराब हो चुके हैं। वहीं लोगों को मजबूरन लौटकर पुराने रास्ते से लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। पिछले दिनों बारिश में यहां कई बार सड़क घंटों बंद रही है। इसके बावजूद एनएच में बनी इस झील को ठीक नहीं किया जा रहा है। लोगों ने मांग की कि इस प्वाइंट को ठीक कर जनता सहित पर्यटकों को राहत प्रदान की जाए। उधर, इस संबंध में फोरलेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल योगेश ने कहा कि सड़क पर जमे पानी की निकास के लिए योजना बनाई जा रही है।
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पतलीकूहल/कुल्लू। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर फोरलेन निर्माण से कटराईं में पानी की सही निकासी का प्रावधान न होने से एक बड़ी झील बन गई है। इससे वाहनों का यहां से गुजरना दुश्वार हो गया है। खासकर कार और दोपहिया वाहन इसी झील में फंसने लगे हैं। इतना ही नहीं कई वाहनों के चैंबर और टंकियां तक फट चुकी हैं।
झील ने जहां मनाली घूमने आ रहे सैलानियों का मजा किरकिरा कर दिया, वहीं स्थानीय लोगों को भी यहां से आवाजाही करने में मुश्किलें आ रही हैं। फोरलेन में निकासी नालियां न बनाए जाने से यह समस्या पेश आ रही है। खास बात यह है कि सरकार की ओर से इस नए बाईपास को बनाने से लोगों को कटराईं के पुराने मार्ग पर लगने वाले जाम से निजात मिली थी। सड़क खुलने के तीन माह बाद ही सर्दियों की बारिश में सड़क पर बनी झील से इसे बनाने वालों की जल्दबाजी भी सामने आ गई। स्थानीय निवासी, अमित, अजय, राजेश, कमल, सुरेश, नीतिन, सुमन, निलेश, कुर्मदत्त, खीमीराम, टायसन, सोनम, जितेंद, सुरेंद्र और देवेंद्र ने बताया कि कटराईं में झील में फंसने से कई वाहन खराब हो चुके हैं। वहीं लोगों को मजबूरन लौटकर पुराने रास्ते से लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। पिछले दिनों बारिश में यहां कई बार सड़क घंटों बंद रही है। इसके बावजूद एनएच में बनी इस झील को ठीक नहीं किया जा रहा है। लोगों ने मांग की कि इस प्वाइंट को ठीक कर जनता सहित पर्यटकों को राहत प्रदान की जाए। उधर, इस संबंध में फोरलेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल योगेश ने कहा कि सड़क पर जमे पानी की निकास के लिए योजना बनाई जा रही है।
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