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चंद्रखणी-मलाणा ट्रैक में फंसे दो ट्रैकर किए रेस्क्यू
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बिना ट्रैकिंग गाइड के चंद्रखणी से मलाणा ट्रैक पर निकले दो ट्रैकरों की जान मुश्किल में पड़ गई थी। वे बारिश और घने अंधेरे के बाद मलाणा की पहाड़ियों के बीच फंस गए। सोमवार रात करीब 11 बजे के बाद उनके पास कोई चारा नहीं बचा तो उन्होंने पुलिस, अपने परिजनों को कॉल कर मलाणा की पहाड़ियों में फंसे होने की बात बताई। इसके बाद नेगी हिमालयन एडवेंचर एंड रेस्क्यू की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
साढ़े तीन घंटों के अंदर ही ट्रैकरों को ट्रैस कर उन्हें सुरक्षित मलाणा गांव पहुंचाया। सुबह इन दोनों ट्रैकरों को मलाणा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरी लाया गया। यहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक कलौल मुखर्जी (24) पुत्र कमल मुखर्जी, 2451/1, न्यू कंचनपुर गांधीनगर, दीवान आधार सिंह वार्ड, जबलपुर, मध्य प्रदेश और अद्ययशा मिश्रा (22) पुत्री रघुनाथ मिश्रा निवासी 8 एच नीथी, अपार्टमेंट प्लॉट नंबर 84, आईपीएच एक्सटेंशन, पड़पडगंज, शकरपुर, ईस्ट दिल्ली, दिल्ली पिछले चार दिनों से चंद्रखणी के ट्रैक पर घूमने निकले थे। तीन दिनों तक इन्होंने चंद्रखणी के आसपास के इलाकों में ट्रैकिंग की। चौथे दिन वे मलाणा की तरफ उतराई में उतरते हुए फंस गए। बारिश और रात के अंधेरे ने इनकी मुश्किलें दोगुना बढ़ा दी। जब इन्होंने मदद के लिए पुलिस को कॉल की तो इसके बाद ही उनकी जान बच पाई। हालांकि बारिश में भीग जाने से उन्हें मुश्किलें भी पेश आई। नेगी हिमालयन एडवेंचर सर्च रेस्क्यू एंड इनवेस्टीगेशन के चीफ रेस्क्यू ऑफिसर छापे राम नेगी ने कहा कि करीब पौने दो बजे उन्हें सूचना दी गई। इसके बाद मलाणा से तीन टीमों को ट्रैकरों को रेस्क्यू करने के लिए भेज दिया। चौथी टीम में पुलिस के साथ ट्रैकरों को तलाश करने के रवाना हुए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवक-युवती को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि मलाणा की पहाड़ियों में फंसे ट्रैकरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
ट्रैकिंग पर निकलने से पहले मौसम का रखें ध्यान
जब कभी भी ट्रैकिंग पर निकलें तो मौसम का पूरा ध्यान रखें। खराब मौसम होने पर पहाड़ों की ओर नहीं जाना चाहिए। अगर शारीरिक रूप से फिट न हो तब भी ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहिए। बिना गाइड के पहाड़ों की ओर जाना घातक हो सकता है। इससे सैलानी रास्ता भटक जाते हैं। पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ट्रैकिंग टूअर पर निकले। इससे परेशानी नहीं होगी, सैलानी ट्रैकिंग पर जाने से पहले पुलिस में पंजीकरण करवाएं। आपदा की स्थिति में पुलिस मदद के लिए पहुंच सकती है। कठिन और दुर्गम ट्रैक रूटों की बजाय आसान व सुगम ट्रैक रूटों को प्राथमिकता दें। पहाड़ों पर चलते हुए सावधानी बरतना भी जरूरी है। जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
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कुल्लू। बिना ट्रैकिंग गाइड के चंद्रखणी से मलाणा ट्रैक पर निकले दो ट्रैकरों की जान मुश्किल में पड़ गई थी। वे बारिश और घने अंधेरे के बाद मलाणा की पहाड़ियों के बीच फंस गए। सोमवार रात करीब 11 बजे के बाद उनके पास कोई चारा नहीं बचा तो उन्होंने पुलिस, अपने परिजनों को कॉल कर मलाणा की पहाड़ियों में फंसे होने की बात बताई। इसके बाद नेगी हिमालयन एडवेंचर एंड रेस्क्यू की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
साढ़े तीन घंटों के अंदर ही ट्रैकरों को ट्रैस कर उन्हें सुरक्षित मलाणा गांव पहुंचाया। सुबह इन दोनों ट्रैकरों को मलाणा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरी लाया गया। यहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक कलौल मुखर्जी (24) पुत्र कमल मुखर्जी, 2451/1, न्यू कंचनपुर गांधीनगर, दीवान आधार सिंह वार्ड, जबलपुर, मध्य प्रदेश और अद्ययशा मिश्रा (22) पुत्री रघुनाथ मिश्रा निवासी 8 एच नीथी, अपार्टमेंट प्लॉट नंबर 84, आईपीएच एक्सटेंशन, पड़पडगंज, शकरपुर, ईस्ट दिल्ली, दिल्ली पिछले चार दिनों से चंद्रखणी के ट्रैक पर घूमने निकले थे। तीन दिनों तक इन्होंने चंद्रखणी के आसपास के इलाकों में ट्रैकिंग की। चौथे दिन वे मलाणा की तरफ उतराई में उतरते हुए फंस गए। बारिश और रात के अंधेरे ने इनकी मुश्किलें दोगुना बढ़ा दी। जब इन्होंने मदद के लिए पुलिस को कॉल की तो इसके बाद ही उनकी जान बच पाई। हालांकि बारिश में भीग जाने से उन्हें मुश्किलें भी पेश आई। नेगी हिमालयन एडवेंचर सर्च रेस्क्यू एंड इनवेस्टीगेशन के चीफ रेस्क्यू ऑफिसर छापे राम नेगी ने कहा कि करीब पौने दो बजे उन्हें सूचना दी गई। इसके बाद मलाणा से तीन टीमों को ट्रैकरों को रेस्क्यू करने के लिए भेज दिया। चौथी टीम में पुलिस के साथ ट्रैकरों को तलाश करने के रवाना हुए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवक-युवती को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि मलाणा की पहाड़ियों में फंसे ट्रैकरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
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ट्रैकिंग पर निकलने से पहले मौसम का रखें ध्यान
जब कभी भी ट्रैकिंग पर निकलें तो मौसम का पूरा ध्यान रखें। खराब मौसम होने पर पहाड़ों की ओर नहीं जाना चाहिए। अगर शारीरिक रूप से फिट न हो तब भी ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहिए। बिना गाइड के पहाड़ों की ओर जाना घातक हो सकता है। इससे सैलानी रास्ता भटक जाते हैं। पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ट्रैकिंग टूअर पर निकले। इससे परेशानी नहीं होगी, सैलानी ट्रैकिंग पर जाने से पहले पुलिस में पंजीकरण करवाएं। आपदा की स्थिति में पुलिस मदद के लिए पहुंच सकती है। कठिन और दुर्गम ट्रैक रूटों की बजाय आसान व सुगम ट्रैक रूटों को प्राथमिकता दें। पहाड़ों पर चलते हुए सावधानी बरतना भी जरूरी है। जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
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