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ब्रींडी नाले में आई बाढ़ के मलबे में दबा पुल, 90 सड़कें बंद
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। वामतट के काईस के पास ब्रींडी नाले में वीरवार देर रात को एकाएक भारी बारिश के चलते नाले का ऊफान बढ़ गया, जिससे पुल मलबे में दब गया। इससे कुल्लू-मनाली वामतट सड़क करीब छह घंटे तक यातायात के लिए बंद रही। जानकारी के अनुसार रात को पहाड़ पर अत्यधिक बारिश होने से अचानक ब्रींडीनाला में पानी का बहाव बहुत ज्यादा होने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
भारी बारिश और बर्फबारी से 90 से अधिक सड़कें, 100 पानी की स्कीमें और 350 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं। इससे करोड़ों का नुकसान हो गया है। जिला में एचआरटीसी की करीब एक दर्जन बसें भी फंसी हैं। बाढ़ ने रौद्र रूप धारण कर काईस के पास ब्रींडी नाला पर कहर ढाया और पुल मलबे की चपेट में आ गया। यातायात बंद होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी झोलनी पड़ी। रात के समय आई बाढ़ से आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। काईस पंचायत के उप प्रधान कर्म चंद व किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने बताया कि मलबा पड़ने से सड़क लगभग छह घंटे तक बंद रही। मनाली व कुल्लू आने जाने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सेउबाग के पास छरूडू और सेउबाग पुल के पास भी भूस्खलन होने से रोड बंद रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो दिनों तक कुल्लू-मनाली पूरी तरह से कटा रहा और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि अगले तीन, चार दिनों तक पर्यटक और घाटी के लोग रात और सुबह के समय आवाजाही न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 1077 पर फोन कर सकते हैं।
वामतट के काईस के पास ब्रींडी नाला में पानी और मलबे से पुल दब गया था। इससे सड़क कुछ घंटे तक बंद रही। दोपहर बाद मलबे को हटाकर मार्ग को बहाल कर दिया। जिला कुल्लू में दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से हालात और भी खराब हो गए हैं। औट-लारजी-सैंज को दूसरे दिन यातायात के लिए खोला गया। बारिश से औट-बंजार, भुंतर-मणिकर्ण, कुल्लू-लगघाटी, कुल्लू-बिजली महादेव मार्ग में भूस्खलन और पत्थर गिरते रहे।
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-केके शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
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कुल्लू/खराहल। वामतट के काईस के पास ब्रींडी नाले में वीरवार देर रात को एकाएक भारी बारिश के चलते नाले का ऊफान बढ़ गया, जिससे पुल मलबे में दब गया। इससे कुल्लू-मनाली वामतट सड़क करीब छह घंटे तक यातायात के लिए बंद रही। जानकारी के अनुसार रात को पहाड़ पर अत्यधिक बारिश होने से अचानक ब्रींडीनाला में पानी का बहाव बहुत ज्यादा होने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
भारी बारिश और बर्फबारी से 90 से अधिक सड़कें, 100 पानी की स्कीमें और 350 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं। इससे करोड़ों का नुकसान हो गया है। जिला में एचआरटीसी की करीब एक दर्जन बसें भी फंसी हैं। बाढ़ ने रौद्र रूप धारण कर काईस के पास ब्रींडी नाला पर कहर ढाया और पुल मलबे की चपेट में आ गया। यातायात बंद होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी झोलनी पड़ी। रात के समय आई बाढ़ से आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। काईस पंचायत के उप प्रधान कर्म चंद व किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने बताया कि मलबा पड़ने से सड़क लगभग छह घंटे तक बंद रही। मनाली व कुल्लू आने जाने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सेउबाग के पास छरूडू और सेउबाग पुल के पास भी भूस्खलन होने से रोड बंद रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो दिनों तक कुल्लू-मनाली पूरी तरह से कटा रहा और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि अगले तीन, चार दिनों तक पर्यटक और घाटी के लोग रात और सुबह के समय आवाजाही न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 1077 पर फोन कर सकते हैं।
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वामतट के काईस के पास ब्रींडी नाला में पानी और मलबे से पुल दब गया था। इससे सड़क कुछ घंटे तक बंद रही। दोपहर बाद मलबे को हटाकर मार्ग को बहाल कर दिया। जिला कुल्लू में दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से हालात और भी खराब हो गए हैं। औट-लारजी-सैंज को दूसरे दिन यातायात के लिए खोला गया। बारिश से औट-बंजार, भुंतर-मणिकर्ण, कुल्लू-लगघाटी, कुल्लू-बिजली महादेव मार्ग में भूस्खलन और पत्थर गिरते रहे।
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-केके शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि