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मटर की फसल पर पड़ी मौसम की मार
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू में अत्यधिक बारिश और बर्फबारी से सड़क, पानी और बिजली के अलावा खेतों में फसलों को भी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि नकदी फसल मटर पर मौसम की भारी मार पड़ रही है। कुछ दिन पहले ओलावृष्टि के कारण मटर के पौधों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा अधिक बारिश से पौधों में रोग भी पनप रहे हैं।
किसानों का कहना है कि कई मटर पौधे ओले की चपेट में आए गए हैं। इससे पौधे पीले पड़ रहे, जिससे उनका विकास भी थम गया है। जिला कुल्लू में 1500 हेक्टेयर भूमि पर मटर का उत्पादन हो रहा है। कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों में किसान मटर को बडे़ पैमाने पर उगा रहे हैं। इस साल फसल पर मौसम का कहर बरपा है। ऐसे में उत्पादन में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। घाटी के किसान अमित, रोशन लाल, संजीव, संजय, जय चंद ठाकुर, चमन ठाकुर, सुरेश ठाकुर, देवराज ठाकुर, अनूप, जोग राज आदि का कहना है कि कुछ दिन पूर्व ओलावृष्टि के कारण नकदी फसल मटर को काफी नुकसान हो गया है। ऐसे में पौधे विकसित होने से ही पीले हो रहे हैं। इसके चलते फसल की बढ़ोतरी आशा के अनुरूप नहीं होने से किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। कृषि प्रसार अधिकारी अनिल कुमार बताते है कि अत्यधिक बारिश के चलते खेतों में पानी जमा होने से मटर फसल पर फफूंद की परत पनप रही है। इससे भी मटर पीला हो रहा है। उन्होंने किसानों को डायथेन -45 का छिड़काव करने की सलाह दी है। उधर, कृषि उप निदेशक डॉ. राजपाल शर्मा ने बताया कि इस बार अधिक बारिश से फसल पर कई बीमारियां पनप रही हैं। लिहाजा किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही रोग का निदान करना चाहिए।
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कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू में अत्यधिक बारिश और बर्फबारी से सड़क, पानी और बिजली के अलावा खेतों में फसलों को भी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि नकदी फसल मटर पर मौसम की भारी मार पड़ रही है। कुछ दिन पहले ओलावृष्टि के कारण मटर के पौधों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा अधिक बारिश से पौधों में रोग भी पनप रहे हैं।
किसानों का कहना है कि कई मटर पौधे ओले की चपेट में आए गए हैं। इससे पौधे पीले पड़ रहे, जिससे उनका विकास भी थम गया है। जिला कुल्लू में 1500 हेक्टेयर भूमि पर मटर का उत्पादन हो रहा है। कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों में किसान मटर को बडे़ पैमाने पर उगा रहे हैं। इस साल फसल पर मौसम का कहर बरपा है। ऐसे में उत्पादन में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। घाटी के किसान अमित, रोशन लाल, संजीव, संजय, जय चंद ठाकुर, चमन ठाकुर, सुरेश ठाकुर, देवराज ठाकुर, अनूप, जोग राज आदि का कहना है कि कुछ दिन पूर्व ओलावृष्टि के कारण नकदी फसल मटर को काफी नुकसान हो गया है। ऐसे में पौधे विकसित होने से ही पीले हो रहे हैं। इसके चलते फसल की बढ़ोतरी आशा के अनुरूप नहीं होने से किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। कृषि प्रसार अधिकारी अनिल कुमार बताते है कि अत्यधिक बारिश के चलते खेतों में पानी जमा होने से मटर फसल पर फफूंद की परत पनप रही है। इससे भी मटर पीला हो रहा है। उन्होंने किसानों को डायथेन -45 का छिड़काव करने की सलाह दी है। उधर, कृषि उप निदेशक डॉ. राजपाल शर्मा ने बताया कि इस बार अधिक बारिश से फसल पर कई बीमारियां पनप रही हैं। लिहाजा किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही रोग का निदान करना चाहिए।
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