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Kangra News: चंगर क्षेत्र में जंगली जानवर फसलों को कर रहे तबाह
Thu, 13 Feb 2025 07:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 13 Feb 2025 07:28 AM IST
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खैरा में जानवरों से फसल बचाने के लिए बनाए बुत। संवाद
खैरा (कांगड़ा)। सुलह और जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के चंगर इलाके में किसानों के लिए खेती करना कठिन होता जा रहा है। ग्राम पंचायत खैरा, वलूही खैरा, वाहे दा पट्ट और छैनछडी के किसान एक ओर सूखे से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर बेसहारा पशु और जंगली जानवर फसलें तबाह कर रहे हैं।
हालांकि हाल ही में कुछ बेसहारा पशुओं को गोशाला भेजा गया था, लेकिन जंगली जानवरों का आतंक जारी है। किसान ठंड में भी रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। कुछ किसानों ने जानवरों को रोकने के लिए बाड़बंदी और कपड़े के बुत भी लगाए हैं, लेकिन ये जुगाड़ नाकाम साबित हो रहे हैं।
किसान कूमेर पाल, चंचल पाल, सुरेश, रमेश, मनजीत, सुनील, महिंद्र, कुलवंत, अनिल, किशोरी लाल, ध्रुव, बलदेव, सरवन कुमार, जयमाला, विजय, अजीत, अशोक पूर्ण आदि का कहना है कि अधिकतर किसान पहले ही खेती छोड़ चुके हैं। जो बचे हुए हैं, वे भी फसल बर्बाद होने के कारण खेती से तौबा करने के मूड में हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि खेती बचाई जा सके।
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हालांकि हाल ही में कुछ बेसहारा पशुओं को गोशाला भेजा गया था, लेकिन जंगली जानवरों का आतंक जारी है। किसान ठंड में भी रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। कुछ किसानों ने जानवरों को रोकने के लिए बाड़बंदी और कपड़े के बुत भी लगाए हैं, लेकिन ये जुगाड़ नाकाम साबित हो रहे हैं।
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किसान कूमेर पाल, चंचल पाल, सुरेश, रमेश, मनजीत, सुनील, महिंद्र, कुलवंत, अनिल, किशोरी लाल, ध्रुव, बलदेव, सरवन कुमार, जयमाला, विजय, अजीत, अशोक पूर्ण आदि का कहना है कि अधिकतर किसान पहले ही खेती छोड़ चुके हैं। जो बचे हुए हैं, वे भी फसल बर्बाद होने के कारण खेती से तौबा करने के मूड में हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि खेती बचाई जा सके।
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