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Kangra News: अस्पताल की दीवारों पर उगे पेड़, छत से उखड़ रहा प्लास्टर
Sun, 10 Aug 2025 06:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 10 Aug 2025 06:08 AM IST
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धर्मशाला अस्पताल की टीवारों पर उगे पेड़ और उखड़ी पपड़ी। संवाद
लापरवाही, बरसात में क्षेत्रीय अस्पताल की छत टपकने से कमरों में आ रही सीलन
सचिन चौधरी
धर्मशाला। मरम्मत के अभाव में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला भवन की हालत खस्ता हो गई है। हालत यह है कि दीवारों पर पेड़ और झाड़ियां उग आई हैं और छत से प्लास्टर उखड़ना शुरू हो गया है। अस्पताल की कई दीवारों पर पीपल के पेड़ और अन्य प्रजातियों की झाड़ियों ने कब्जा जमा रखा है। अगर समय रहते भवन की मरम्मत न हुई तो दीवारों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देंगे। बरसात के दौरान अस्पताल की छत टपकने के कमरों में सीलन आ गई है।
धर्मशाला अस्पताल की दीवारें पत्थरों से बनी हैं। अगर दीवार से कोई पत्थर निकल जाता है तो उसे दोबारा लगाना मुश्किल जो जाएगा।
बॉक्स ...
सीलन से बैक्टीरिया का भी खतरा
बरसात के मौसम में अस्पताल की छत टपकने के कारण दीवारों में सीलन आना एक गंभीर समस्या है। इससे न केवल मरीजों और कर्मचारियों को परेशानी होती है, बल्कि इमारत को भी नुकसान पहुंचता है। सीलन के कारण दीवारों में फंगस और बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। ऐसे में धर्मशाला अस्पताल में इस तरह की समस्या कई बीमारियों को न्योता दे रही है।
टूटे बैंच भी नहीं हुए दुरुस्त
अस्पताल परिसर में रोजाना मरीजों की संख्या 800 से अधिक रहती है । उन्हें बैठने के लिए पर्याप्त बैंच नही हैं। ऐसे में जो बैंच टूट गए हैं उन्हें ठीक करवाने के बजाय परिसर में रखा गया है। कुछ बैंचों को तो कमरों को बाहर बालकनी में फेंका गया है। इससे पैसों की भी बर्बादी हो रही है।
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कोट्स...
- धर्मशाला अस्पताल की दीवारों पर उगे पेड़ों और झाड़ियों का मामला ध्यान में है। मरम्मत कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग ने एस्टिमेट बना दिया है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में निर्णय लेकर पैसा जमा करवाकर मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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सचिन चौधरी
धर्मशाला। मरम्मत के अभाव में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला भवन की हालत खस्ता हो गई है। हालत यह है कि दीवारों पर पेड़ और झाड़ियां उग आई हैं और छत से प्लास्टर उखड़ना शुरू हो गया है। अस्पताल की कई दीवारों पर पीपल के पेड़ और अन्य प्रजातियों की झाड़ियों ने कब्जा जमा रखा है। अगर समय रहते भवन की मरम्मत न हुई तो दीवारों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देंगे। बरसात के दौरान अस्पताल की छत टपकने के कमरों में सीलन आ गई है।
धर्मशाला अस्पताल की दीवारें पत्थरों से बनी हैं। अगर दीवार से कोई पत्थर निकल जाता है तो उसे दोबारा लगाना मुश्किल जो जाएगा।
बॉक्स ...
सीलन से बैक्टीरिया का भी खतरा
बरसात के मौसम में अस्पताल की छत टपकने के कारण दीवारों में सीलन आना एक गंभीर समस्या है। इससे न केवल मरीजों और कर्मचारियों को परेशानी होती है, बल्कि इमारत को भी नुकसान पहुंचता है। सीलन के कारण दीवारों में फंगस और बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। ऐसे में धर्मशाला अस्पताल में इस तरह की समस्या कई बीमारियों को न्योता दे रही है।
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टूटे बैंच भी नहीं हुए दुरुस्त
अस्पताल परिसर में रोजाना मरीजों की संख्या 800 से अधिक रहती है । उन्हें बैठने के लिए पर्याप्त बैंच नही हैं। ऐसे में जो बैंच टूट गए हैं उन्हें ठीक करवाने के बजाय परिसर में रखा गया है। कुछ बैंचों को तो कमरों को बाहर बालकनी में फेंका गया है। इससे पैसों की भी बर्बादी हो रही है।
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- धर्मशाला अस्पताल की दीवारों पर उगे पेड़ों और झाड़ियों का मामला ध्यान में है। मरम्मत कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग ने एस्टिमेट बना दिया है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में निर्णय लेकर पैसा जमा करवाकर मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला

धर्मशाला अस्पताल की टीवारों पर उगे पेड़ और उखड़ी पपड़ी। संवाद

धर्मशाला अस्पताल की टीवारों पर उगे पेड़ और उखड़ी पपड़ी। संवाद