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Kangra News: हरिपुर कॉलेज की कमियां जल्द की जाएं दूर
Sun, 29 Mar 2026 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 29 Mar 2026 10:28 PM IST
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हरिपुर रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में उपस्थित लोग।स्रोत: जागरूक पाठक
-विश्राम गृह में आयोजित बैठक में बुद्धिजीवियों ने भरी हुंकार
-कहा- संस्थान को बंद करना चंद्रधर शर्मा गुलेरी का अपमान
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुर/गुलेर (कांगड़ा)। रविवार शाम को विश्राम गृह हरिपुर में आयोजित बैठक में नजदीकी पंचायतों के प्रधानों, प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि कॉलेज की कमियों को तुरंत पूरा किया जाए। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश धीमान, व्यापार मंडल प्रधान अतुल महाजन और वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि वे चरणबद्ध तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे।
पूर्व उपप्रधान सुनील गुलेरी, रणजीत सिंह, गोपाल कृष्ण, नंद किशोर परिमल सहित अन्य व्यक्तियों ने कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान को बंद करना न केवल क्षेत्र के साथ अन्याय होगा बल्कि चंद्रधर शर्मा गुलेरी जैसी महान विभूति का अपमान भी है।
बता दें कि ऐतिहासिक नगरी हरिपुर-गुलेर स्थित चंद्रधर शर्मा गुलेरी राजकीय महाविद्यालय अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। छात्रों की गिरती संख्या को देखते हुए हाल ही में सरकार ने कॉलेज को बंद करने की बात कही थी। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश पैदा हो गया था।
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हालांकि, सरकार ने इस संस्थान को बचाने के लिए इसे फाइन आर्ट्स कॉलेज में परिवर्तित करने का आखिरी दांव भी खेला है। इसकी अधिसूचना हाल ही में जारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां कांगड़ा चित्रकला शैली को पुनर्जीवित करने वाले पाठ्यक्रम शुरू होते हैं, तो न केवल महान साहित्यकार गुलेरी का सम्मान बचेगा, बल्कि इस ऐतिहासिक संस्थान को नई पहचान भी मिलेगी।
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-कहा- संस्थान को बंद करना चंद्रधर शर्मा गुलेरी का अपमान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुर/गुलेर (कांगड़ा)। रविवार शाम को विश्राम गृह हरिपुर में आयोजित बैठक में नजदीकी पंचायतों के प्रधानों, प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि कॉलेज की कमियों को तुरंत पूरा किया जाए। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश धीमान, व्यापार मंडल प्रधान अतुल महाजन और वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि वे चरणबद्ध तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे।
पूर्व उपप्रधान सुनील गुलेरी, रणजीत सिंह, गोपाल कृष्ण, नंद किशोर परिमल सहित अन्य व्यक्तियों ने कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान को बंद करना न केवल क्षेत्र के साथ अन्याय होगा बल्कि चंद्रधर शर्मा गुलेरी जैसी महान विभूति का अपमान भी है।
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बता दें कि ऐतिहासिक नगरी हरिपुर-गुलेर स्थित चंद्रधर शर्मा गुलेरी राजकीय महाविद्यालय अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। छात्रों की गिरती संख्या को देखते हुए हाल ही में सरकार ने कॉलेज को बंद करने की बात कही थी। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश पैदा हो गया था।
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हालांकि, सरकार ने इस संस्थान को बचाने के लिए इसे फाइन आर्ट्स कॉलेज में परिवर्तित करने का आखिरी दांव भी खेला है। इसकी अधिसूचना हाल ही में जारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां कांगड़ा चित्रकला शैली को पुनर्जीवित करने वाले पाठ्यक्रम शुरू होते हैं, तो न केवल महान साहित्यकार गुलेरी का सम्मान बचेगा, बल्कि इस ऐतिहासिक संस्थान को नई पहचान भी मिलेगी।