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अपनी ही जमा पूंजी के लिए तरस रहे शिक्षक : संघ
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जीपीएफ भुगतान में देरी से बच्चों की फीस, इलाज और मकान निर्माण प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) के लंबित भुगतान से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। वेतन से वर्षों तक कटौती कर जमा की गई राशि समय पर न मिलने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज, मकान निर्माण और बैंक ऋण चुकाने में परेशानी हो रही है।
हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने लंबित जीपीएफ बिलों का जल्द भुगतान करने की मांग की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव तिलक नायक सहित जिला कार्यकारिणियों ने इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि कर्मचारी भविष्य की जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए यह राशि जमा करते हैं। जरूरत के समय भुगतान में देरी से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) के लंबित भुगतान से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। वेतन से वर्षों तक कटौती कर जमा की गई राशि समय पर न मिलने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज, मकान निर्माण और बैंक ऋण चुकाने में परेशानी हो रही है।
हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने लंबित जीपीएफ बिलों का जल्द भुगतान करने की मांग की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव तिलक नायक सहित जिला कार्यकारिणियों ने इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि कर्मचारी भविष्य की जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए यह राशि जमा करते हैं। जरूरत के समय भुगतान में देरी से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
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