फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Take 20 rupees instead of 10 rupees, you should get better health facilities

Kangra News: 10 की जगह 20 रुपये ले लो, स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलनी चाहिए

Fri, 06 Jun 2025 06:08 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Fri, 06 Jun 2025 06:08 AM IST
विज्ञापन
Take 20 rupees instead of 10 rupees, you should get better health facilities
सीएचसी नगरोटा सूरियां भवन
अस्पतालों में पर्ची के पैसे लगने पर लोगों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रिया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बरियाल (कांगड़ा)। बस का न्यूनतम किराया दस रुपये करने के बाद अब स्वास्थ्य केंद्रों में 10 रुपये पर्ची शुल्क लगाने पर लोगों को मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों में पर्ची शुल्क सरकार भले ही दस रुपये की जगह 20 रुपये कर दे, लेकिन सरकार को स्वास्थ्य केंद्रों में दर्जे अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी चाहिए।
प्रदेश के कई स्वास्थ्य केंद्रों में दर्जे के अनुसार डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों के पद ही सृजित नहीं किए गए हैं। जहां पद सृजित भी हैं तो वे भरे नहीं गए हैं। इसका उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां में मिलता है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर 14 पंचायतों की करीब 25 हजार लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। यहां ढाई साल से लोगों की सेहत उधार के डॉक्टरों और स्टाफ नर्स के सहारे है। हालांकि मई महीने में डॉक्टरों के दो पदों में एक पद भर दिया है, लेकिन एक पद खाली होने के कारण एक ही डॉक्टर को दिन रात ड्यूटी करनी पड़ रही है। जबकि दिन में 200 से भी ज्यादा ओपीडी होती है। यही हाल स्टाफ नर्स का है। यहां दर्जे अनुसार स्टाफ नर्स के तीन पद सृजित होने चाहिए थे, लेकिन एक ही पद होने के कारण स्टाफ नर्स को दिन और रात ड्यूटी देनी पड़ रही है। अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अकाउंटेंट व स्वास्थ्य शिक्षक का पद भी अरसे से खाली है। लोगों का कहना है कि पर्ची शुल्क दस रुपये करने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन


आदेशों की कॉपी मिलने तक नहीं लिया जाएगा शुल्क : डाॅ. दुआ
अभी तक पर्ची शुल्क लेने के आदेश नहीं आने के कारण कोई भी पर्ची शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अस्पताल में खाली पदों की सूचना हर महीने स्वास्थ्य विभाग और सरकार को भेजी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


-डॉ अमन दुआ, बीएमओ सीएचसी नगरोटा सूरियां



स्वास्थ्य केंद्रों में सरकार पर्ची शुल्क दस रुपये के बजाय 20 रुपये कर दे, लेकिन पर्ची शुल्क लगाने से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में दर्जे अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी चाहिए। -निशांत शर्मा, व्यापारी नगरोटा सूरियां


-स्वास्थ्य केंद्रों में पर्ची शुल्क दस रुपये करना सरकार का यह अच्छा निर्णय है। अब अवांछित लोग जो बीमार नहीं हैं और बिना किसी बीमारी के मेडिकल टेस्ट कराने नहीं पहुंचेंगे । इसके अलावा जो लोग हर चीज मुफ्त में लेने के आदी हो जाते हैं, वे कभी भी देशभक्त नहीं होते। -सुदेश धीमान, ग्रामीण

स्वास्थ्य केंद्रों में पर्ची शुल्क दस रुपये करने का निर्णय गरीब लोगों पर कुठाराघात है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए अधिकतर गरीब ग्रामीण ही जाते हैं। दस रुपये पर्ची शुल्क के बाद सभी प्रकार के टेस्ट करवाने का भी शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे में गरीब बीमारों को इलाज कर लिए मजबूरन नीम हकीमों की ही शरण में जाना पड़ेगा।-केवल कृष्ण, ग्रामीण


स्वास्थ्य केंद्रों पर्ची शुल्क लगाने से अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाने में मदद मिलेगी। इससे स्वास्थ्य केंद्रों की रोगी कल्याण समितियों को अतिरिक्त आय जुटने से राहत मिलेगी। -राजेश नंदपुरी, व्यापारी नगरोटा सूरियां

सीएचसी नगरोटा सूरियां भवन

सीएचसी नगरोटा सूरियां भवन

सीएचसी नगरोटा सूरियां भवन

सीएचसी नगरोटा सूरियां भवन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed