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Kangra News: चेक बाउंस मामले में दोषी को डेढ़ साल का कारावास
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चेक बाउंस मामले में दोषी को डेढ़ साल का कारावास
दोषी को न्यायालय ने आठ लाख रुपये लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कांगड़ा प्रतिभा नेगी की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए डेढ़ वर्ष का साधारण कारावास और चेक राशि का दोगुना यानी आठ लाख रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने शिकायतकर्ताओं के पूर्ववर्ती हिताधिकारी प्रकाश चंद से वर्ष 2012 में पारिवारिक और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए चार लाख रुपये उधार लिए थे।
आरोपी ने यह राशि एक वर्ष के भीतर लौटाने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद जब राशि वापस नहीं की गई तो आरोपी ने अप्रैल 2013 में भुगतान के लिए बैंक का एक चेक जारी किया। हालांकि, चेक प्रस्तुत किए जाने पर वह खाता बंद होने के कारण रद्द हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित अवधि में भी भुगतान नहीं किया गया। मजबूर शिकायतकर्ताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और दस्तावेजों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई।
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दोषी को न्यायालय ने आठ लाख रुपये लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कांगड़ा प्रतिभा नेगी की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए डेढ़ वर्ष का साधारण कारावास और चेक राशि का दोगुना यानी आठ लाख रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने शिकायतकर्ताओं के पूर्ववर्ती हिताधिकारी प्रकाश चंद से वर्ष 2012 में पारिवारिक और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए चार लाख रुपये उधार लिए थे।
आरोपी ने यह राशि एक वर्ष के भीतर लौटाने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद जब राशि वापस नहीं की गई तो आरोपी ने अप्रैल 2013 में भुगतान के लिए बैंक का एक चेक जारी किया। हालांकि, चेक प्रस्तुत किए जाने पर वह खाता बंद होने के कारण रद्द हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित अवधि में भी भुगतान नहीं किया गया। मजबूर शिकायतकर्ताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और दस्तावेजों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई।
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