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Kangra News: नेरटी पंचायत में वोटर सूची से 15 ग्रामीणोंं के नाम गायब
Thu, 21 May 2026 07:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 21 May 2026 07:14 AM IST
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रैत (कांगड़ा)। विकास खंड रैत की नेरटी पंचायत के वार्ड संख्या-6 में सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही सामने आई है। यहां के एक ही वार्ड के करीब 15 मतदाताओं के नाम नई मतदाता सूची से गायब हैं। लोकतंत्र के पर्व में जहां एक-एक वोट बेहद कीमती और निर्णायक होता है, वहीं इस चूक के कारण ये 15 ग्रामीण अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाएंगे।
मछियाल गांव के निवासी शुभम बलौरिया ने बताया कि जब उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी नई मतदाता सूची की जांच की तो उससे गांव की उर्मिला राणा, ज्योति ठाकुर, रुमेल सिंह, ममता, नरेंद्र, अशोक बलौरिया, लता बलौरिया, बबली, पिंकू और रीना बलोरिया सहित कुल 15 लोगों के नाम गायब मिले। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपने मत का प्रयोग किया था तो पंचायत चुनाव की सूची से उनके नाम कैसे गायब हो गए।
उधर, नेरटी पंचायत के कार्यकारी सचिव महेंद्र सिंह ने कहा कि जो मतदाता सूची उच्च अधिकारियों या विभाग द्वारा हमारे पास भेजी जाती है, हम केवल उसी का रिकॉर्ड रखते हैं। पंचायत स्तर पर हमारे पास किसी भी मतदाता का नाम सूची से काटने या हटाने का कोई अधिकार नहीं होता है।
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दोषी पाए जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई : बीडीओ
बीडीओ रैत कमलजीत गुप्ता ने कहा कि
मतदाता सूची से नाम गायब होना, सूची के प्रकाशन के दौरान हुई किसी तकनीकी या लिपिकीय चूक का परिणाम हो सकता है। मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई भी कर्मचारी इस लापरवाही में दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदेश सरकार पिछले दो महीने से लगातार प्रचार कर रही थी कि लोग पंचायत घरों में आकर सूची में अपना नाम जांच लें और नाम न होने पर नया वोट बनवाएं। इस अभियान के तहत कई लोगों के नए वोट बनाए भी गए हैं।
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मछियाल गांव के निवासी शुभम बलौरिया ने बताया कि जब उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी नई मतदाता सूची की जांच की तो उससे गांव की उर्मिला राणा, ज्योति ठाकुर, रुमेल सिंह, ममता, नरेंद्र, अशोक बलौरिया, लता बलौरिया, बबली, पिंकू और रीना बलोरिया सहित कुल 15 लोगों के नाम गायब मिले। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपने मत का प्रयोग किया था तो पंचायत चुनाव की सूची से उनके नाम कैसे गायब हो गए।
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उधर, नेरटी पंचायत के कार्यकारी सचिव महेंद्र सिंह ने कहा कि जो मतदाता सूची उच्च अधिकारियों या विभाग द्वारा हमारे पास भेजी जाती है, हम केवल उसी का रिकॉर्ड रखते हैं। पंचायत स्तर पर हमारे पास किसी भी मतदाता का नाम सूची से काटने या हटाने का कोई अधिकार नहीं होता है।
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दोषी पाए जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई : बीडीओ
बीडीओ रैत कमलजीत गुप्ता ने कहा कि
मतदाता सूची से नाम गायब होना, सूची के प्रकाशन के दौरान हुई किसी तकनीकी या लिपिकीय चूक का परिणाम हो सकता है। मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई भी कर्मचारी इस लापरवाही में दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदेश सरकार पिछले दो महीने से लगातार प्रचार कर रही थी कि लोग पंचायत घरों में आकर सूची में अपना नाम जांच लें और नाम न होने पर नया वोट बनवाएं। इस अभियान के तहत कई लोगों के नए वोट बनाए भी गए हैं।