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उड़ानों के शुरू होने से बीड़ बिलिंग में लौटने लगी रौनक
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बैजनाथ (कांगड़ा)। पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग घाटी में पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर प्रतिबंध के समाप्त होने के दूसरे दिन पांच दर्जन के करीब पायलटों ने टेंडम उड़ानें भरीं। उड़ानों के शुरू होने से बिलिंग का आकाश एक बार फिर से रंग-बिरंगे मानवीय परिंदों से भर गया।
जिला प्रशासन ने मंगलवार देर शाम को पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त कर दिया था, लेकिन पायलटों की इंश्योरेंस न होने के कारण बुधवार को पायलटों ने उड़ानों के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था। अब वीरवार को कंपनी की ओर से इंश्योरेंस किए जाने के बाद पायलटों ने उड़ानों का सिलसिला फिर से शुरू कर दिया। पैराग्लाइडिंग उड़ानों के शुरू होने के बाद बीड़ बिलिंग घाटी में एक बार फिर से रौनक लौटना शुरू हो गई है। म्मीद की जा रही है कि इस वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक दस्तक दे सकते हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने उड़ानों के शुरू होने पर राहत की सांस ली है।
12 मार्च से उड़ानों के बंद होने के कारण घाटी के होटलों, होम स्टे और रेस्टोरेंट में पर्यटकों की संख्या न के बराबर रह गई थी। उड़ानों की भूमिका का इसी बात से पता लगाया जा सकता है कि उड़ानों के शुरू होने के पहले दिन ही पांच दर्जन से अधिक लोगों ने टेंडम उड़ानों का आनंद लिया।
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जिला प्रशासन ने मंगलवार देर शाम को पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त कर दिया था, लेकिन पायलटों की इंश्योरेंस न होने के कारण बुधवार को पायलटों ने उड़ानों के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था। अब वीरवार को कंपनी की ओर से इंश्योरेंस किए जाने के बाद पायलटों ने उड़ानों का सिलसिला फिर से शुरू कर दिया। पैराग्लाइडिंग उड़ानों के शुरू होने के बाद बीड़ बिलिंग घाटी में एक बार फिर से रौनक लौटना शुरू हो गई है। म्मीद की जा रही है कि इस वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक दस्तक दे सकते हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने उड़ानों के शुरू होने पर राहत की सांस ली है।
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12 मार्च से उड़ानों के बंद होने के कारण घाटी के होटलों, होम स्टे और रेस्टोरेंट में पर्यटकों की संख्या न के बराबर रह गई थी। उड़ानों की भूमिका का इसी बात से पता लगाया जा सकता है कि उड़ानों के शुरू होने के पहले दिन ही पांच दर्जन से अधिक लोगों ने टेंडम उड़ानों का आनंद लिया।
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