फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Maize flour will be available in the depots in packing of one, five and 10 kg.

Kangra News: डिपुओं में एक, पांच और 10 किलो की पैकिंग में मिलेगा मक्की का आटा

Sat, 30 Nov 2024 06:47 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sat, 30 Nov 2024 06:47 AM IST
विज्ञापन
Maize flour will be available in the depots in packing of one, five and 10 kg.
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के डिपुओं में पहली बार उपभोक्ताओं को एक, पांच और 10 किलो की पैकिंग में मक्की का आटा उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसके दाम तय कर दिए हैं। एक किलो की पैकिंग 80 रुपये, पांच किलो 390 रुपये और 10 किलो पैकिंग वाला मक्की का आटा 780 रुपये में मिलेगा।
विज्ञापन

मक्की का यह आटा कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत किसानों द्वारा तैयार रसायनमुक्त फसल से बनाया गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने प्रदेशभर के 1396 किसानों से 381.13 मीट्रिक टन मक्की खरीदी है। मुख्यमंत्री राजीव गांधी किसान खुशहाल योजना के तहत इस आटे की लॉन्चिंग दिसंबर में होगी। इसके बाद यह डिपुओं में उपलब्ध होगा।
विज्ञापन

डिपो धारक इसे अन्य उपयोगी वस्तुओं की तरह खुले में बेच सकेंगे। यह पहल किसानों और उपभोक्ताओं के लिए समान रूप से लाभकारी होगी। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से अब मक्की का आटा भी डिपुओं में उपलब्ध करवाया जा रहा है। डिपुओं में मक्की का आटा मिलने से अब लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी। इससे पहले मक्की का आटा इतनी आसानी से मिल नहीं पाता था। अब उपभोक्ताओं को मक्की के आटे के लिए दूसरी दुकानों में नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


खाद्य आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक कांगड़ा पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि प्रदेश में पहली बार मक्की का आटा उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिला कांगड़ा में कुल 1129 डिपु है। डिपुधारक की डिमांड के अनुसार की आटा सप्लाई किया जाएगा। उपभोक्ता 80 रुपये किलो के अनुसार डिपुओं से मक्की का आटा खरीद सकेंगे।


कृषि विभाग की ओर से पहली बार प्रदेश में आत्मा परियोजना के तहत मक्की की फसल तैयार की गई है। इसे खाद्य आपूर्ति विभाग ने खरीदा है और आटा तैयार किया है। डिपुओ में आटा मिलने से अन्य किसान भी रसायनमुक्त फसल उगाने के लिए प्रेरित होंगे। जिला कांगड़ा में पहली वार 300 से अधिक किसानों से मक्की की फसल खरीदी गई है।
-राज कुमार भारद्वाज, निदेशक, आत्मा परियोजना कांगड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed